भारतीय कंपनी सचिव संस्थान के कानपुर द्वारा प्रिस्टीन होटल हर्ष नगर में कानपुर में कॉरपोरेट लॉज (संशोधन) विधेयक, 2026 को सुदृण करने की दिशा में संपन्न हुआ सेमिनार एक महत्वपूर्ण पहल रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईसीएसआई के अध्यक्ष सीएस पवन जी चांडक रहे। अपने प्रेरणादायी विधान संशोधनों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हु उन्होंने प्रोफेशनलो को निरंतर ज्ञानार्जन एवं नैतिक मूल्यों के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में आईसीएसआई के तत्कालीन पूर्व अध्यक्ष सीएस धनंजय शुक्ला की उपस्थिति रही। उन्होंने अपने संबोधन में संस्थान की समृद्ध विरासत के प्रति उसकी प्रतिबद्धता एवं नए संशोधनों के व्यावहारिक प्रभावों को अत्यंत सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में आईसीएसआई के काउंसिल मेंबर सीएस मनोज कुमार पुरचे, उपस्थित रहे, जिन्होंने कॉर्पोरेट विधानों में हो रहे परिवर्तनों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया तथा सदस्यों को प्रोफेशनल उत्कृष्टता हेतु प्रेरित किया।
सेमिनार के मुख्य वक्ता: आईसीएसआई के पूर्व अध्यक्ष सीएस रंजीत पांडेय रहे। उन्होंने कॉरपोरेट लॉज (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रमुख प्रावधानों, व्यावहारिक पहलुओं एवं उनके कॉर्पोरेट जगत पर प्रभाव का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया, जिससे उपस्थित सदस्यों को अत्यंत उपयोगी एवं व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।
चैप्टर के चेयरमैन सीएस आशीष बंसल ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस प्रकार के सेमिनार सदस्यों को नवीनतम विधिक परिवर्तनों से अवगत कराने के साथ-साथ उनके व्यावसायिक कौशल को सुदृढ़ करते हैं। सचिव सीएस जागृति मिश्रा, ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कानपुर चैप्टर सदैव प्रोफेशनल विकास हेतु ऐसे सार्थक कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में कंपनी सचिव, प्रोफेशनल्स एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे, जिसमें सीएस गोपेश साहू, सीएस ईशा कपूर, सीएस वैभव अग्निहोत्री, सीएस रीना जाखोड़िया, सीएस मनोज यादव, सीएस कौशल सक्सेना, सीएस मनीष शुक्ला, सीएस एस. के. गुप्ता एवं सीएस विनोद मेहरोत्रा भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का कुशल संचालन एवं समन्वयन सीएस अंकित मल्होत्रा द्वारा किया गया, जिनके प्रभावी संचालन ने पूरे सत्र को ऊर्जावान एवं सुव्यवस्थित बनाए रखा।
अंत में, सीएस ईशा कपूर (उपाध्यक्ष) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया तथा कार्यक्रम का समापन सौहार्दपूर्ण सत्र के साथ हुआ।
देवेश तिवारी की रिपोर्ट


















