कानपुर, 07 जून 2026। डॉ. भीमराव अंबेडकर के पवित्र ‘अस्थि कलश’ और 12 फीट ऊंची प्रतिमा को विधानभवन के पास से हटाकर ऐशबाग ले जाने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध शुरू हो गया है। द बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों ने डॉ. जेआर बौद्ध के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि 1990 में स्थापित भारत-रत्न बोधिसत्व बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर महासभा को 1993 में 10 बिस्वा भूमि 99 वर्ष की लीज पर मिली थी। इसी स्थल पर डॉ. सविता अंबेडकर ने राजकीय सम्मान के साथ अस्थि कलश स्थापित किया था और तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने प्रतिमा स्थापित की थी। नवपंजीकृत ट्रस्ट द्वारा गलत तथ्य पेश कर कलश-प्रतिमा हटाने का प्रयास करोड़ों अनुयायियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।
समाज ने इसे राष्ट्रीय धरोहर बताते हुए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सर्वोच्च न्यायालय, मुख्यमंत्री और राज्यपाल को प्रतिलिपि भेजकर हस्तक्षेप की मांग की। ज्ञापन देने वालों में डॉ. महादेवा, राजेश कुमार संखवार, एड. श्रीराम गौतम, आकाश गौतम, धनीराम पैंथर आदि शामिल रहे।
देवेश तिवारी की रिपोर्ट


















