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विनायकपुर भूमि अधिग्रहण मामला: मकान मालिकों ने मुआवजा लेने से किया इनकार, हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

कानपुर नगर विनायकपुर मौजा स्थित छपेड़ा पुलिया चौराहे से दलहन अनुसंधान तक प्रस्तावित 80 फीट रोड के लिए भूमि अधिग्रहण मामले में नया मोड़ आ गया है। सोमवार को अपर जिलाधिकारी (भूमि अध्याप्ति) द्वारा बुलाए जाने पर मकान व प्लॉट मालिक उनसे मिलने पहुंचे तो वहां पर आला अफसर नहीं मिले और उनके लखनऊ जाने की बात कही गई, पीड़ित परिवारों ने मुआवजा लेने से साफ इनकार कर दिया है और उपस्थित अफसर को ज्ञापन देकर वापस चले आए।
मकान मालिकों का कहना है कि एसएलपी C NO. 31656/2015 के तहत यह मुकदमा हाई कोर्ट में एक बार खारिज हो चुका है। जिस पर केडीए सुप्रीम कोर्ट गई और सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सभी वादीगण को वर्तमान दर से भूमि का दो गुना और मकान की कीमत का दो गुना मुआवजा दिए जाने पर ही योजना निकल सकती है। और केडीए जब तक पीड़ितों को संतुष्ट नहीं करती तब तक जमीन नहीं ली जाएगी। आरोप है कि एएलओ ने महामहिम कोर्ट की इस बात को नहीं माना।
इसी के विरोध में मकान मालिकों ने भूमि अध्याप्ति अधिकारी के जरिए अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए मुआवजा लेने से इनकार कर दिया। इस बारे में कृष्ण बहादुर सिंह ने बताया कि अब एडवोकेट महेश सिंह के माध्यम से उच्चतम न्यायालय में पुनः अपील की जाएगी। जब तक उचित दर-पर मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक विनायकपुर निवासी व संपत्ति मालिक कोई भी मकान या जमीन खाली नहीं करेंगे। ज्ञापन देने वालों में विनोद त्रिवेदी,राजू अग्निहोत्री,जगदीपेंद्र सिंह, प्रीतिमा सिंह,सम्मति सिंह, बृजलता देवी,अनिल कुमार समेत लगभग तीन दर्जन लोग उपस्थित रहे।

देवेश तिवारी की रिपोर्ट

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