चन्द्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के कॉलेज ऑफ कम्युनिटी साइंस के वस्त्र एवं परिधान विभाग द्वारा राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर “विद्यार्थियों द्वारा बुनाई संरचनाओं की डिजाइनिंग” विषयक कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सादी बुनाई (प्लेन वीव), तिर्यक बुनाई (ट्विल वीव), साटन बुनाई, टोकरी बुनाई (बास्केट वीव) सहित अन्य आकर्षक एवं कलात्मक बुनाई संरचनाओं के नमूने तैयार कर उनका प्रदर्शन किया।, छात्रों ने रंगों, डिजाइनों तथा धागों के संतुलित एवं कलात्मक संयोजन के माध्यम से भारतीय हथकरघा की समृद्ध परम्परा को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया। प्रदर्शित नमूनों की विभागीय शिक्षिकाओं ने सराहना करते हुए विद्यार्थियों को वस्त्र अभिकल्पन एवं बुनाई तकनीकों में नवीन प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विभागा की प्रभारी डॉ. अर्चना सिंह, प्रो. डॉ. एकता शर्मा, डॉ. अंकिता यादव तथा विभागीय लिपिक दीपा बिष्ट उपस्थित रहीं। सभी शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के महत्व से अवगत कराते हुए बताया कि भारत में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस वर्ष 2015 से प्रतिवर्ष 7 अगस्त को मनाया जाता है। इस दिवस का शुभारम्भ माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया था। 7 अगस्त की तिथि का चयन 1905 के स्वदेशी आंदोलन की स्मृति में किया गया, जिसने भारतीय हथकरघा एवं स्वदेशी वस्त्रों के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम भारतीय हथकरघा कला के संरक्षण, संवर्धन तथा नई पीढ़ी में उसके प्रति रुचि एवं जागरूकता विकसित करने में अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों द्वारा तैयार बुनाई नमूनों के अवलोकन तथा भारतीय हथकरघा उद्योग के संरक्षण,संवर्धन एवं प्रोत्साहन का संकल्प लेने के साथ हुआ।
देवेश तिवारी की रिपोर्ट


















