मुंबई, अगस्त 2026: इस स्वतंत्रता दिवस, ज़ी सिनेमा बॉर्डर-2 के वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर के साथ भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य, देशभक्ति और बलिदान को नमन करता है। जेपी दत्ता द्वारा निर्देशित प्रतिष्ठित फिल्म बॉर्डर की उस अमर विरासत को सम्मान देते हुए, जिसने 29 वर्षों बाद भी दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाए रखी है, बॉर्डर 2 भव्य पैमाने, दमदार कहानी और भावनाओं से भरपूर पलों के साथ अपनी एक अलग पहचान बनाती है।
फिल्म ने अपनी सशक्त कहानी, भावनात्मक गहराई और भारतीय सशस्त्र बलों को समर्पित भावपूर्ण श्रद्धांजलि के दम पर देशभर के दर्शकों का दिल जीता और बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की। अब इसी गर्व, देशभक्ति और बलिदान के जज़्बे को महसूस करने का मौका मिलेगा टीवी पर पहली बार, इस 15 अगस्त, शाम 7:30 बजे, सिर्फ ज़ी सिनेमा पर।
फिल्म की कमान संभाली है सनी देओल ने, जिन्होंने एक बार फिर अपनी दमदार अदाकारी से इस जंग और जज़्बात से भरी कहानी को मजबूती दी है। उनके साथ हैं वरुण धवन, जो अपने करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण और दमदार किरदारों में से एक निभा रहे हैं। दिलजीत दोसांझ अपने शानदार स्क्रीन प्रेजेंस के साथ रणभूमि में नज़र आएंगे, जबकि अहान शेट्टी अपने अभिनय सफर के एक अहम पड़ाव में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। निर्देशक अनुराग सिंह ने इस बार कहानी को पहले से कहीं बड़े स्तर पर पेश किया है, जहां ज़बर्दस्त एक्शन, बड़ा युद्ध और भारत के जवानों का साहस, हिम्मत और जज़्बा कहानी को एक भव्य अंजाम तक पहुंचाता है।
अपने मूल में, बॉर्डर 2 सिर्फ़ एक युद्ध फिल्म नहीं है, बल्कि एक पारिवारिक कहानी है, जो युद्ध की पृष्ठभूमि में बुनी गई है। यही वजह है कि इस स्वतंत्रता दिवस पर यह फिल्म भारत के हर परिवार तक पहुंचने की हकदार है। भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता द्वारा निर्मित तथा टी-सीरीज़ और जे. पी. फिल्म्स के बैनर तले बनी यह फिल्म उन भावनाओं और संघर्षों को दर्शाती है, जिनसे एक परिवार तब गुजरता है जब उसका बेटा देशसेवा के लिए घर छोड़ने का फैसला करता है।
यह उन परिवारों के साहस की कहानी है, जो भारी मन से अपने प्रियजनों को देश की रक्षा के लिए विदा करते हैं। यह उन सैनिकों की भी कहानी है, जो खून के रिश्तों से नहीं, बल्कि विश्वास, कर्तव्य और भाईचारे के बंधन से एक-दूसरे का परिवार बन जाते हैं। युद्धभूमि में वे जिस तरह एक-दूसरे का साथ निभाते हैं, वही जज़्बा उनके परिवारों में भी दिखाई देता है, जो घर पर रहकर हिम्मत और उम्मीद बनाए रखते हैं। इन सबके बीच यह कहानी उन मिट्टी के बेटों को सलाम करती है, जो अपने गांव, अपनी मां और अपने देश से किए वादे के लिए अपनी जान तक न्योछावर कर देते हैं। यह हर भारतीय परिवार की अपनी कहानी है। इस स्वतंत्रता दिवस यह कहानी अपने सबसे सही मंच यानी टेलीविजन पर हर घर तक पहुंचेगी और पूरे परिवार को एक साथ देशभक्ति, जज़्बात और गर्व से भर देगी।
सनी देओल ने कहा, “मेरे पिता के लिए हकीकत (फ़िल्म ) जो थी, मेरे लिए बॉर्डर वही है।बॉर्डर 2 हमारी सशस्त्र सेनाओं का उत्सव है, उनके साहस और बलिदान को याद करने का अवसर है, और उनकी वीरता तथा अटूट प्रतिबद्धता को सम्मान देने का प्रयास है। यह सिर्फ़ एक फिल्म नहीं है जिसका प्रीमियर 15 अगस्त को हो रहा है। यह हर घर तक पहुँचने वाला एक संदेश है, जो हमें याद दिलाता है कि यह तारीख़ हमारे लिए वास्तव में क्या मायने रखती है, और आज भी हमसे क्या अपेक्षा करती है।“
वरुण धवन ने कहा, “बचपन में ‘बॉर्डर’ सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि पूरी पीढ़ी की भावना थी। ‘बॉर्डर 2’ का हिस्सा बनना उस विरासत से जुड़ने जैसा था, जिससे करोड़ों लोगों की यादें जुड़ी हैं। सनी सर के साथ उस दुनिया का हिस्सा बनना मेरे लिए बेहद खास, प्रेरणादायक और थोड़ा डराने वाला भी था। लेकिन जिस बात ने मुझे सबसे ज्यादा छुआ, वह यह थी कि यह फिल्म जंग से ज्यादा भाईचारे की कहानी है। सेट पर मेरे सबसे पसंदीदा पल एक्शन सीक्वेंस नहीं थे, बल्कि वे भावनात्मक दृश्य थे, जिनमें मैं, दिलजीत और अहान तीन जवानों के रूप में अपने घर और अपने पीछे छूटे अपनों के बारे में बात करते नज़र आते हैं। वही इस फिल्म की असली धड़कन है। मुझे उम्मीद है कि जब 15 अगस्त को पूरा परिवार इसे साथ बैठे देखकर महसूस करेगा, तो उन्हें भी वही गर्व और गला भर आने वाला एहसास होगा, जो मुझे स्क्रिप्ट पढ़ते समय हुआ था।”
अहान शेट्टी ने कहा, “‘बॉर्डर’ जैसी बड़ी और यादगार फ्रेंचाइज़ी का हिस्सा बनना मेरे लिए बहुत बड़ी बात है और मैं इसकी अहमियत अच्छी तरह समझता हूं। शूटिंग शुरू होने से पहले मैंने ऐसे कई लोगों से बात की, जो जानते हैं कि अपने घर से निकलकर देश के लिए जीना क्या होता है। मैंने उन्हीं एहसासों को हर सीन में उतारने की कोशिश की। मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि कैमरे के पीछे वरुण, दिलजीत और मेरे बीच जो भाईचारा बना, वही पर्दे पर भी साफ दिखाई देता है, क्योंकि वह बिल्कुल सच्चा है। यह फिल्म अपनी जंग के लिए जितनी बड़ी है, उससे कहीं ज्यादा अपने जज़्बात के लिए याद रखी जाएगी। शायद यही वजह है कि इसे स्वतंत्रता दिवस पर पूरे परिवार के साथ घर में बैठकर देखना सबसे खास अनुभव होगा।”
निर्देशक अनुराग सिंह ने कहा, “‘बॉर्डर’ जैसी पसंदीदा फिल्म का सीक्वल बनाना आसान नहीं था। सबसे बड़ी चुनौती एक्शन नहीं, बल्कि उसी एहसास को बरकरार रखना था। हमने अपनी पूरी मेहनत उसी पर लगाई। ‘बॉर्डर 2’ का कैनवास पहले से कहीं बड़ा है। हमने कहानी को फ्रेंचाइज़ी के इतिहास में सबसे बड़े स्तर पर पेश किया है, लेकिन इसकी रूह बिल्कुल पहली फिल्म जैसी ही है। परिवार की विदाई, रणभूमि में बने भाईचारे का रिश्ता और देश के लिए लड़ने वाले जवानों का अटूट हौसला। मेरी कोशिश थी कि यह फिल्म एक ऐसी विरासत बने, जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचे, ठीक वैसे ही जैसे पिछले करीब तीस सालों से ‘बॉर्डर’ हर भारतीय परिवार का हिस्सा रही है। 15 अगस्त को इसका टेलीविजन प्रीमियर होना ऐसा लगता है जैसे यह कहानी आखिरकार अपने असली घर लौट आई हो।”
‘बॉर्डर 2’ भारतीय जवानों के साहस, बलिदान और अटूट हिम्मत की एक ऐसी कहानी है, जो दिल को छू जाती है। बड़े कैनवास, दमदार कहानी और शानदार कलाकारों से सजी यह फिल्म इस साल की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक रही है। 15 अगस्त को ज़ी सिनेमा पर इसका वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर सिर्फ एक टेलीकास्ट नहीं, बल्कि पूरे देश के परिवारों के लिए एक साथ बैठकर अपने वीर जवानों को सलाम करने और भारत के जज़्बे का जश्न मनाने का एक खास मौका है।
इस स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त, शनिवार शाम 7:30 बजे, सरहद से हर घर तक गूंजेगी एक ही आवाज़… हिंदुस्तान! हिंदुस्तान!! हिंदुस्तान!!!


















