“विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा – संकल्प अभियान” के तहत सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय, चन्द्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर में पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. संगीता गुप्ता द्वारा डॉ. मुकेश श्रीवास्तव, अधिष्ठाता छात्र कल्याण तथा डॉ. संगमित्रा महापात्रा, सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण के मार्गदर्शन में किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में डॉ. मुक्ता गर्ग एवं डॉ. एकता शर्मा ने अपनी सेवाएँ प्रदान कीं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. रश्मि सिंह, सुश्री रेनू निषाद, डॉ. श्रेया तथा डॉ. एलेना ने समन्वयक के रूप में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। प्रतियोगिता में स्नातक स्तर के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा अपनी रचनात्मकता और कलात्मक प्रतिभा के माध्यम से नशा एवं मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों पर प्रभावशाली संदेश प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ, जिम्मेदार एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। पोस्टरों के माध्यम से आत्म-अनुशासन, स्वस्थ जीवनशैली, युवा सशक्तिकरण, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा “विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा” की परिकल्पना को सशक्त रूप से अभिव्यक्त किया गया। इन पोस्टरों ने समाज में जागरूकता फैलाने तथा नशामुक्त वातावरण के निर्माण में सामुदायिक सहभागिता की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक हुआ। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि जागरूकता, शिक्षा एवं सामूहिक उत्तरदायित्व के माध्यम से ही नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है तथा स्वस्थ, सशक्त एवं विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है। इस प्रकार की जागरूकता गतिविधियाँ युवाओं को सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय एवं सार्थक भागीदारी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
देवेश तिवारी की रिपोर्ट


















