कानपुर, प्रस्तावित UGC के काले कानून और जातिगत आरक्षण के विरोध में सोमवार को कानपुर में सवर्ण समाज का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सवर्ण एकता मोर्चा के बैनर तले सरसैया घाट पर सर्व ब्राह्मण विकास परिषद और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के सैकड़ों पदाधिकारी हाथों में तख्तियां, बैनर और झंडे लेकर एकत्र हुए और जमकर नारेबाजी की। UGC काला कानून वापस लो “आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करो”, “मेरिट से खिलवाड़ बंद करो” के नारों से पूरा सरसैया घाट गूंज उठा। इसके बाद सभी पदाधिकारी पैदल मार्च करते हुए नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी कानपुर नगर को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित 5-सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि UGC के नए कानून को तत्काल वापस लिया जाए और 70 साल पुरानी जातिगत आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू किया जाए। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सवर्ण एकता मोर्चा के संयोजक कुंवर मनोज भदौरिया ने कहा कि, “आज सरसैया घाट पर उमड़ा यह जनसैलाब इस बात का सबूत है कि सवर्ण समाज अब जाग गया है। यह UGC कानून नहीं, सवर्णों के बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेलने का षड्यंत्र है। आज ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, कायस्थ सब एक मंच पर इसलिए आए हैं क्योंकि अब पानी सिर के ऊपर चला गया है। गरीब सवर्ण भूखा मर रहा है, योग्य होने के बाद भी उसके बच्चे नौकरी से वंचित हैं। सरकार कान खोलकर सुन ले, अगर इस काले कानून को वापस नहीं लिया तो 2027 के विधानसभा चुनाव में सवर्ण समाज वोट की चोट से जवाब देगा। यह तो सिर्फ झांकी है, दिल्ली के जंतर-मंतर तक जाना बाकी है। सर्व ब्राह्मण विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. कमल किशोर अवस्थी ने कहा कि “हम आरक्षण के विरोधी नहीं हैं, हम न्याय चाहते हैं। गरीबी की कोई जाति नहीं होती। जातिगत आरक्षण खत्म कर सभी गरीबों को आर्थिक आधार पर आरक्षण मिलना चाहिए।”
जिलाध्यक्ष संजीव मिश्रा ने कहा कि “सरसैया घाट से लेकर कलेक्ट्रेट तक सवर्णों की एकता दिखा दी है कि अब मेरिट के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। प्रदेश वरिष्ठ महामंत्री धीरेंद्र भदौरिया ने कहा कि “हमने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी है। सरकार जल्द निर्णय ले, नहीं तो आंदोलन हर तहसील, हर जिले में होगा। इस दौरान मंडल अध्यक्ष महेन्द्र तोमर, प्रदेश अध्यक्ष पं. कौशल किशोर अवस्थी, वैश्य और कायस्थ समाज के पदाधिकारियों सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।


















