कानपुर नगर। हिंदुओं के पावन महापर्व नवरात्रि के दौरान भी शहर के कई इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। गुजैनी क्षेत्र में जलकल विभाग की लापरवाही के चलते शुद्ध पेयजल की जगह नलों से बदबूदार और झागयुक्त सीवर का गंदा पानी सप्लाई हो रहा है।
जन जागृति मंच के अध्यक्ष एवं दूरसंचार सलाहकार समिति के सदस्य विनोद मिश्र ने स्थिति पर रोष व्यक्त करते हुए बताया कि गुजैनी के मकान संख्या G-751 समेत पूरे इलाके में हालात बेहद चिंताजनक हैं। नल की टोटी खोलते ही पूरे घर में सीवर की दुर्गंध फैल जाती है। पानी इतना दूषित है कि इसे पीना या खाना बनाना तो दूर, नहाने-धोने के लिए भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
त्योहारों के चलते सुबह-सवेरे श्रद्धालु स्नान कर देवी मंदिरों में पूजन-अर्चन के लिए जाते हैं, लेकिन दूषित पानी की आपूर्ति ने क्षेत्रवासियों की दिनचर्या ठप कर दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, आसपास लगे सरकारी सबमर्सिबल पंप और ‘इंडिया मार्का-2’ हैंडपंप भी लंबे समय से खराब पड़े हैं। आशंका है कि भूमिगत पेयजल पाइपलाइन और सीवर लाइन के आपस में लीकेज होने के कारण यह गंदा पानी सप्लाई हो रहा है।
श्री मिश्र ने इस गंभीर समस्या की जानकारी जलकल विभाग के अवर अभियंता विनोद रावत को दूरभाष पर दी है। उन्होंने तात्कालिक राहत के लिए क्षेत्र में तत्काल पेयजल टैंकर भेजने और पाइपलाइन लीकेज को दुरुस्त कर समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
देवेश तिवारी की रिपोर्ट


















