हमसे का भूल हुई जो यह सजा हमका मिली किसी समय फिल्मों में यह गाना बहुत हिट हुआ था जिसे आज तक सुना जाता है। लेकिन यह गाना वर्तमान में शास्त्री नगर सेंट्रल पार्क में विकलांगों के ऊपर फिट बैठ रहा है। राष्ट्रीय विकलांग पार्टी का समस्या समाधान कैंप का आयोजन हर रविवार को शास्त्री नगर सेंट्रल पार्क में आयोजित होता है जिसमें शहर से ही नहीं आसपास के जनपदों विकलांग अपनी समस्या के समाधान के लिए शास्त्रीनगर सेंट्रल पार्क आते हैं। सुंदरी करण के नाम पर शास्त्री नगर सेंट्रल पार्क में बाउंड्री और गेट लगाए गए। सपा और भाजपा की वर्चस्व की लड़ाई में गेट में ताला भी लगा दिया गया। और हर गेट पर एक छोटा सा गेट खोला गया जिस गेट के नीचे डेढ़ फुट का गड्ढा भी खोद दिया गया। उस गेट से सामान्य व्यक्ति भी सही से नहीं निकल सकता है तो विकलांग कैसे निकलेगा। समस्या समाधान कैंप में समस्या निवारण के लिए आए हुए विकलांग गिरकर चोटिल हो रहा है। सरकार द्वारा जब कोई योजना विकलांगों के लिए आती है तो शासन प्रशासन विकलांग पार्टी के सहयोग से शास्त्री नगर में कार्यक्रम का आयोजन करता है। तब उसको जानकारी हो जाती है कि विकलांग यहां आते हैं लेकिन आज उनकी समस्याओं को शासन प्रशासन नहीं देख रहा है उसने गांधारी की तरह पट्टी अपने आंखों पर बांध ली है। सभी नेता एक दूसरे के पाले में गेंद फेक रहे हैं।
क्या कहते हैं नेता
सपा नेता विनय गुप्ता ने आरोप लगाया कि विकलांगों के साथ अन्याय हो रहा है और गेट खुलवाने के लिए वह अपनी पार्टी और कार्यकर्ताओं के साथ आंदोलन करेंगे और विकलांगों की हक की लड़ाई लड़ेंगे।
गोविंद नगर विधानसभा पूर्व प्रत्याशी करिश्मा ठाकुर ने कहा कि विकलांगों को जो यह समस्या हो रही है उसके लिए शासन प्रशासन जिम्मेदार है पार्षद विधायक सांसद महापौर सब भाजपा के हैं। उसके बाद दिया हाल है विकलांगों का इसके लिए कांग्रेस पार्टी विकलांगों के समर्थन में आंदोलन करेगी और उनका गेट खुलवाने का काम करेगी
भाजपा विधायक गोविंद नगर विधानसभा सुरेंद्र मैथानी का कहना है कि सुंदरी करण का काम लोगों की भलाई के लिए हुआ है अगर किसी को कोई दिक्कत हो रही है उस समस्या को समाप्त किया जाएगा विकलांगों की समस्या को समाप्त करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
राष्ट्रीय विकलांग पार्टी राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र कुमार का कहना है कि विकलांगों को ताला लगने के कारण बहुत समस्या रही है विकलांगों को चोट लग रही हैैं जिसके कारण बाहर जाकर उनकी समस्याओं को सुनना पड़ रहा है।


















