मुरादाबाद।
भारतीय किसान यूनियन ने जिले की चारों तहसीलों में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित छ: सूत्रीय ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा।
भारतीय किसान यूनियन ने कहा कि बेमौसम बारिश से धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। किसान सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि सरकार को तत्काल मुआवजे की व्यवस्था के लिए सर्वे शुरू करवा देना चाहिए। बीते रविवार की रात को तेज बारिश के कारण धान की खड़ी फसल खेतों में लेट गई थी। जब किसानों ने सुबह खेतों में जाकर देखा तो निराशा के अलावा कुछ हाथ नहीं लगा। किसानों को समझ में नहीं आ रहा था कि उनकी बर्बाद हुई फसल की कैसे भरपाई हो पाएगी। दूसरी ओर काफी संख्या में ऐसे भी किसान हैं, जो जमीन मालिक को तय रकम देकर एक साल के लिए खेत किराए पर लेते हैं। ऐसे किसानों की मुसीबत ज्यादा है। उनके लिए धान की फसल ही ऐसी होती है, जिससे वह जमीन मालिक की पट्टे की रकम चुकता कर देते हैं। लेकिन इस बार बर्बाद हुई फसल ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फिर दिया है। पूर्व ब्लाक अध्यक्ष चौधरी अय्यूब अली ने बताया कि इस बार धान की फसल काफी अच्छी थी। इस बार किसानों ने नई किस्म के धान की रोपाई की थी। जिससे की अच्छी पैदावार हो सके लेकिन बरसात ने फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे संयुक्त किसान मोर्चा के आंदोलन के तहत तहसील परिसर में भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ताओं और किसानों ने धरना प्रदर्शन किया। तहसील अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन मांग करती है कि तीनों काले कृषि कानूनों को वापस लिया जाए तथा स्वामीनाथन आयोग द्वारा एमएसपी को कानून के तहत रखा जाना चाहिए। आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन, कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग, अध्यादेश व प्रस्तावित विद्युत संशोधन अधिनियम को भी तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। डीजल, पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर अधिकतम 10 रूपये लीटर लगाई जाए। किसान सम्मान निधि को 6 हजार से बढ़ाकर 24 हजार किया जाना चाहिए। न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून के दायरे में लाकर कार्यवाही करते हुए किसानों के साथ मंडियों में हो रही लूट को रोका जाए। इस दौरान तहसील अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह, पूर्व ब्लाक अध्यक्ष चौधरी अयूब अली , नगर अध्यक्ष गुलजार खां, चौधरी मलखान सिंह, हरी राज सिंह, आदि लोग मुख्य रूप से मौजूद रहे
Reporter-Bhupendra Singh


















