कानपुर के प्रमोद फिल्म्स क्रिएशन के निर्माता निदेशक को खजुराहो फिल्म फेस्टिवल में किया गया सम्मानित
रविवार को जवाहर नगर पीएफसी फिल्म की ऑफिस में मोटिवेशनल फिल्म समर्थन का पोस्टर लाचिंग और यू ट्यूब में फिल्म की लाचिंग कार्यक्रम आज सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। फिल्म लॉन्चिंग के मौके पर राजेंद्र कुमार राज, विनीत सिन्हा, भरत भाई, संजू पाल, मोहम्मद अरशद अंसारी, रॉबिंस, संतोष गुप्ता, सुधीर निगम, नीरज कुमार, अभय मिश्रा, जयप्रकाश अवस्थी, दीपक शर्मा आदि लोग मौजूद रहें।
यह मोटिवेशनल फिल्म समर्थन खजुराहो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में सेलेक्ट की गई। फिल्म की स्क्रीनिंग खजुराहो टपरा टॉकीज में हुई। फिल्म के सभी चित्रण को देखकर सभी ने सराहा। फिल्म के निर्देशक/राइटर प्रमोद गुप्ता और राजेन्द्र कुमार राज रहें। फिल्म फेस्टिवल में गंगू बाई जैसी सुपरहिट फिल्म की अभिनेत्री इंदिरा तिवारी खजुराहो फिल्म फेस्टिवल के फाउंडर/अभिनेता राजा बुंदेला द्वारा फिल्म के निर्देशक
प्रमोद गुप्ता को सम्मानित किया गया।
प्रमोद गुप्ता फिल्म की कहानी ने बताया कि इस फिल्म की स्टोरी एक समाज से जुड़ी हुई है। जो लोग अक्सर पूजा पाठ करते हैं फिर भी कहते हैं कि मेरा कोई फायदा नहीं हो रहा है पूजा पाठ करने से कोई फल मुझे अच्छा नहीं मिल पा रहा है परेशान रहता हूं दुखी रहता हूं कभी एक्सीडेंट होता है कभी चोट लगती है कभी कुछ ऑफिस में प्रॉब्लम हो जाती है कभी किसी से झगड़ा हो जाता है यह लोग कहते हैं की पूजा पाठ करने से क्या होता है कहां है भगवान……?
दो दोस्त होते है एक पूजा पाठ करता है दूसरा दारु शराब मुर्गा अय्याशी, लड़की बाजी, अफीम चरस, गांजा सब गंदे काम करता है जो अच्छे कर्म करता है जो पूजा पाठ करता है उसका एक्सीडेंट हो जाता है जो दोस्त दूसरा गंदे काम करता है उसके रास्ते में अचानक पैसे से भरा एक बैग मिल जाता है तो इस फिल्म में यही दर्शाया गया है क्या कर्मों का फल सबको मिलता है। फिल्म में अभिनेता विनीत सिन्हा द्वारा बोला गया एक डॉयलॉग जो जैसा कर्म करता है, उसे वैसा ही फल मिलता है काफी हिट हो रहा है। फिल्म के डायरेक्टर प्रोड्यूसर प्रमोद गुप्ता इस फिल्म के माध्यम से हमने इस फिल्म में कुछ सीन दर्शाने की कोशिश किया हैं इस फिल्म की लोगों ने सहराना की। इस फिल्म की शूटिंग कानपुर में हुई हैl
फिल्म अभिनेता राजेंद्र कुमार राज ने बताया कि फिल्म के प्रोड्यूसर डायरेक्टर प्रमोद गुप्ता ने शहर के उभरते नये कलाकारों को भी अपनी फिल्म में मौका दे रहे हैं। जो मुंबई जैसी माया नगरी में पैसा खर्च करने के बाद भी मौका नहीं मिल पाया। पीएफसी फिल्म प्रोडक्शन हाउस और इंस्टिट्यूट में आकर कलाकार सीख भी सकते हैं। और अपनी प्रतिभा को निखार भी सकते हैं।राजेंद्र कुमार राज, सुधीर निगम, विनीत सिन्हा, नीरज कुमार, भरत भाई, संजीव पाल, राजू कमल, मोहम्मद अरशद अंसारी, जय प्रकाश आवस्थी, आदि लोग मौजूद
दिलीप मिश्रा की रिपोर्ट


















