कानपुर| मुख्यमंत्री द्वारा गोरखपुर व लखनऊ में पांच बार दिए गये आस्वाशन के बाद भी आज तक सीजनल संग्रह अमीनों व सीजनल संग्रह अनुसेवको का विनियमितिकरण नहीं हो सका है। अपर मुख्य सचिव राजस्व उत्तर प्रदेश अध्यक्ष राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश से अनेकों बार वार्ता हेतु लिखित में समय भी मांगा गया| लेकिन उन्होंने भी आज तक वार्ता के लिए समय नहीं दिया। डीएम ने लिखित समझौते के एक वर्ष बाद भी सीजनल अमीनो व अनुसेवको का विनियमितिकरण नहीं किया। जिससे सीजनल संग्रह अमीनो व सीजनल संग्रह अनुसेवकों की समस्याओं का समाधान नही हो सका। राजस्व संग्रह सीजनल अमीन कर्मचारी सेवक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने बताया की पुरा जीवन राजस्व विभाग में खपाने के बाद भी विनियमितिकरण न होने से मन बहुत खिन्न है| आज मुख्यमंत्री सहित सभी अधिकारियों को पत्र भेजकर अपने आत्मदाह के निर्माण से अवगत करवा दिया है। वीरेन्द्र कुमार ने बताया की सरकार की उपेक्षा के कारण 1,000 से अधिक सीजनल अमीन व अनुसेवक विनियमितिकरण ना होने से सदमे में पिछले कई वर्षों में स्वर्गलोक सिधार गए है| इसमे कानपुर नगर के चयनित अनुसेवक राजेश कुमार भी शामिल हैं। जबकि लगभग 3,000 से अधिक सीजनल अमीन व अनुसेवक बिना विनियमितिकरण के सेवानिवृत्त हो चुके हैं
विनियमितीकरण न होने पर 10 नवम्बर को मुख्यमंत्री आवास पर करेंगे आत्मदाह


















