कानपुर कैंट स्थित छावनी परिषद कार्यालय में मृतक आश्रित नौकरी के लंबित मामलों को लेकर सोमवार को पीड़ित परिवारों ने प्रदर्शन करते हुए भूख हड़ताल शुरू कर दी। वर्षों से नौकरी की मांग कर रहे मृतक आश्रित परिवारों का आरोप है कि छावनी परिषद प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है, जिससे परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से जूझ रहे हैं।
मीरपुर कैंट के रहने वाले शिवा कुमार ने बताया कि उनके पिता संजय कुमार छावनी परिषद में सफाई नायक के पद पर कार्यरत थे। 15 अगस्त 2019 को उनके निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उन पर आ गई। मृतक आश्रित नौकरी के लिए उन्होंने लगातार आवेदन और प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन कई साल बीत जाने के बावजूद अब तक कोई नियुक्ति नहीं की गई। उन्होंने बताया कि सिर्फ उनका ही नहीं, बल्कि लगभग 20 अन्य मृतक आश्रित परिवार भी वर्षों से नौकरी मिलने की आस लगाए बैठे हैं। पीड़ितों के अनुसार वर्ष 2010 के बाद से मृतक आश्रितों को नौकरी देने की प्रक्रिया लगभग ठप पड़ी है। वर्ष 2016 में एक सूची जारी की गई थी, लेकिन उसके बाद भी नियुक्तियों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
आक्रोशित परिवारों ने सोमवार की दोपहर 1 बजे से छावनी परिषद कार्यालय में परिवार सहित भूख हड़ताल शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक लंबित मामलों का निस्तारण कर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान परिवारों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द न्याय की मांग उठाई। इसी बीच कैंटोमेंट के अधिकारी मौके पर और आस्वासन देकर लौटा दिया।
मोहम्मद नईम की रिपोर्ट


















