कानपुर। आयकर कर्मचारी महासंघ एवं आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ, पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड सर्किल की संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर सोमवार को कानपुर मुख्यालय सहित पूरे सर्किल के कार्यालयों में अधिकारियों व कर्मचारियों ने अपनी दस सूत्रीय मांगों के समर्थन में पूरे दिन धरना दिया। मध्यावकाश के दौरान सामूहिक विरोध प्रदर्शन भी किया गया।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो 7 मई को मध्यावकाश के बाद वॉकआउट किया जाएगा तथा 13 मई को पूर्ण हड़ताल की जाएगी।
धरने को संबोधित करते हुए आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ के महासचिव राघवेन्द्र सिंह और आयकर कर्मचारी महासंघ के महासचिव सुनील कुमार ने कहा कि लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान में लगातार देरी हो रही है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रमुख मांगों में कैडर रिव्यू व पुनर्गठन प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करना, भर्ती नियमों में संशोधन, वरिष्ठता सूची का अंतिम रूप, इंटर चार्ज ट्रांसफर नीति की बहाली, वेतन विसंगतियों का निस्तारण तथा पदोन्नति से जुड़ी समस्याओं का समाधान शामिल है। इसके साथ ही कर्मचारियों के कार्यदायित्व तय करने, लैपटॉप उपलब्ध कराने और अव्यावहारिक रिपोर्टिंग व्यवस्था को समाप्त करने की भी मांग उठाई गई।
वक्ताओं ने कहा कि यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरने में बृजेश कुमार (सर्किल अध्यक्ष, ITEF), शरद प्रकाश अग्रवाल, नवनीत शुक्ला, शांति भूषण मिश्रा, पंकज यादव, मुकेश कुमार, बृजेश बाजपेई, राजेश तिवारी, अनिल चौधरी, शिव कुमार, कुनाल श्रीवास्तव, वैभव सचान, रजत सिंह, शिवम पाल, प्रवीण बाजपेयी, अमित पटेल, विवेक दीक्षित, दीपंकर चौरसिया, क्षितिज शुक्ला, शक्ति शुक्ला, संजय कुमार, राजेश गौर, उमेश वर्मा, भगवान केसरी, ब्रजेश पांडेय, अजय सिंह, धीरेन्द्र सिंह, चंद्रभान सिंह समेत बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
देवेश तिवारी की रिपोर्ट


















