कानपुर। श्री वीरेश्वर सेवा समिति के तत्वाधान में घुरवा खेड़ा नौबस्ता में स्थित वीरेश्वर धाम पीठाधीश्वर परम पूज्य श्री रुद्रेश्वर जी महाराज के अज्ञातवास से लौटने पर भव्य स्वागत समारोह के पश्चात वीरेशेश्वर धाम में पहले दिव्य दरबार का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम वीरेश्वर बजरंगबली का पूजन करने के पश्चात महाराज ने भक्तों के कष्ट सुनकर उनके निवारण के उपाय बताए। श्री वीरेश्वर सेवा समिति द्वारा महाराज जी का विशेष अभिनंदन किया गया, जहाँ स्थानीय भक्तों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आशीर्वाद प्राप्त किया। सेन पश्चिम पारा के अंतर्गत घुरुवा खेड़ा स्थित श्री वीरेश्वर धाम आश्रम में भक्तों को गुरु के बताए रास्ते चलने एवं बजरंगबली की पूजा के माध्यम से संकट का निवारण बताया गया। कार्यक्रम के दौरान श्री रुद्रेश्वर जी महाराज ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि अज्ञातवास की यह साधना जन-कल्याण, आत्म-शुद्धि और सनातन धर्म की ऊर्जा को और अधिक सुदृढ़ करने का एक माध्यम थी, उसके बाद उन्हें गुरु से कुछ आदेश हुए हैं जिनका पालन सुनिश्चित है बहुत ही जल्दी वीरेश्वर धाम का आश्रम बनकर तैयार होगा। साथ ही कहा कि ईश्वर की सच्ची भक्ति और गुरु के प्रति समर्पण ही मनुष्य के जीवन को सार्थक बनाता है वीरेश्वर धाम का प्रत्येक भक्त सामाजिक समरसता, सेवा और सनातन संस्कारों को अपने जीवन में उतारे, यही हमारी मंगल कामना है। यह धाम हमेशा लोक-कल्याण और मानवता की सेवा के लिए तत्पर रहेगा। दिव्य दरबार में श्री वीरेश्वर सेवा समिति के अध्यक्ष आयुष बाजपेयी के साथ श्याम जी पांडे, कोषाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी विकास शुक्ला, तिवारी हर्षित, विकास दीक्षित, उत्कर्ष तिवारी, सुमित, कृष्णा,हरिओम, सक्षम,वीरपाल सिंह चौहान समेत समिति के सभी सेवादारों का विशेष सहयोग रहा।
देवेश तिवारी की रिपोर्ट


















