योजना का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन, उसके सभी पक्षों को सफलतापूर्वक क्रियान्वयन कैसे करना है और उसका अंतिम लाभार्थी तक लास्ट माइल तक उसकी पहुंच कैसे हो, यह पूरे देश ने पूरी दुनिया ने देखा है।
अगर हम लोग गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में देखें, गुजरात 2001 के पहले एक सामान्य राज्य के रूप में देश के अन्य राज्यों की तरह ही था। लेकिन गुजरात राज्य को जिस राज्य में भीषण सूखा के सामना करना पड़ता था, जहां पेयजल का संकट था, सिंचाई की बात तो बहुत दूर थी, कनेक्टिविटी के इशू थे, ढेर सारे चैलेंजेस थे,उस गुजरात को तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में मोदी जी ने सरदार सरोवर की लंबित परियोजना को पूरा करके अंतिम गांव तक पेयजल की सुविधा से युक्त करके आज गुजरात को न केवल वेलफेयर स्टेट के रूप में बल्कि देश के अंदर इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर के मॉडर्न टेक्नोलॉजी के एक मॉडल के रूप में उस गुजरात को उन्होंने अपने मुख्यमंत्री के रूप में 13 वर्ष के कालखंड के दौरान देश और दुनिया के आकर्षण का केंद्र बनाया था।


















