वरिष्ठ समाजसेवी सेठ मुरारी लाल अग्रवाल की अध्यक्षता में हुआ ‘वोकल फॉर लोकल’ कार्यक्रम, सौर ऊर्जा और नए व्यापारिक अवसरों पर हुआ मंथन
लघु उद्योग भारती के तत्वावधान में आयोजित वार्षिक सम्मेलन में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को सशक्त बनाने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को समर्पित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता शहर के वरिष्ठ समाजसेवी एवं उद्योगपति सेठ मुरारी लाल अग्रवाल ने की। सम्मेलन में उद्यमियों ने औद्योगिक विकास, आधुनिक तकनीक, ऊर्जा संरक्षण और व्यापारिक संभावनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया।
स्वदेशी उद्योगों की मजबूती से आत्मनिर्भर बनेगा भारत
सम्मेलन में स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन देने तथा स्वदेशी उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया गया। इस अवसर पर छोटे एवं मध्यम उद्योगों को देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला बताते हुए उनके विकास के लिए आपसी सहयोग, नवाचार और आधुनिक तकनीक को आवश्यक बताया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ समाजसेवी सेठ मुरारी लाल अग्रवाल ने स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। सम्मेलन में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि जब स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलेगा, तभी छोटे उद्यमियों को आगे बढ़ने के अधिक अवसर प्राप्त होंगे और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
सौर ऊर्जा अपनाकर उद्योगों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण उद्योगों में सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग और उससे मिलने वाले संभावित लाभों पर चर्चा रही। उद्यमियों ने बिजली की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाने पर मंथन किया। सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली पर निर्भरता कम करने, उत्पादन लागत नियंत्रित करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ने की संभावनाओं पर विचार किया गया।
नई तकनीक और व्यापारिक अवसरों पर हुई चर्चा
सम्मेलन में बदलते बाजार की चुनौतियों से निपटने, उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने, नई तकनीकों को अपनाने और व्यापार के विस्तार पर भी जोर दिया गया। उद्यमियों ने एक-दूसरे के अनुभव साझा करते हुए औद्योगिक क्षेत्र में आपसी सहयोग को मजबूत बनाने की आवश्यकता जताई।
इसके साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ छोटे उद्योगों तक पहुंचाने, संसाधनों की उपलब्धता और उद्यमियों के सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर भी विचार किया गया।
लघु उद्योगों का विकास ही रोजगार और अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार
सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि लघु एवं मध्यम उद्योग न केवल औद्योगिक विकास की रीढ़ हैं, बल्कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्थानीय उद्योगों को मजबूत बनाकर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई दिशा दी जा सकती है।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा कि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा, आधुनिक तकनीक का उपयोग और उद्यमियों की एकजुटता ही मजबूत औद्योगिक भविष्य की कुंजी है।
मोहम्मद आमिर की रिपोर्ट


















