कानपुर समाजसेवा की मिसाल बने वरिष्ठ समाजसेवी एवं उद्योगपति सेठ मुरारी लाल अग्रवाल, अपने जन्मदिन के उपलक्ष्य में 23 सितम्बर से कोई भूख न रहे इसी मोहिम को लेकर प्रतिदिन निःशुल्क भोजन शहर के अस्पतालों, मंदिरों और विभिन्न स्थानों पर पहुँचा रहे हैं कानपुर की धरती पर समाजसेवा और मानवता की अनूठी मिसाल पेश कर रहे वरिष्ठ समाजसेवी एवं उद्योगपति सेठ मुरारी लाल अग्रवाल सेवा भावना से जरूरतमंदों के जीवन में खुशियां लाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उनकी अनोखी पहल के तहत प्रतिदिन लगभग एक हजार जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पहल समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता, सेवा भाव और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पण को दर्शाती है।
सेठ मुरारी लाल अग्रवाल की इस पहल के माध्यम से शहर के विभिन्न अस्पतालों, मंदिरों और अन्य स्थानों पर जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाया जा रहा है। अस्पतालों में मरीजों के साथ आए तीमारदारों, जरूरतमंद परिवारों और भोजन की आवश्यकता वाले लोगों के लिए यह सेवा विशेष रूप से मददगार साबित हो रही है।वही स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए स्टील के निःशुल्क बर्तन सहित भोजन वितरण किया जा रहा है जिससे किसी प्रकार की कोई गंदगी शहर में न फैले
आज के समय में जब भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने कामकाज में व्यस्त रहते हैं, ऐसे में जरूरतमंदों की भूख मिटाने के लिए नियमित रूप से निःशुल्क भोजन की व्यवस्था करना समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। यह कार्य बताता है कि सच्ची समाजसेवा केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसी जरूरतमंद की मूलभूत आवश्यकता को पूरा करना भी मानवता की सबसे बड़ी सेवा है।
सेठ मुरारी लाल अग्रवाल की यह अनोखी पहल समाज के अन्य सक्षम लोगों, व्यापारियों और उद्योगपतियों को भी जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने की प्रेरणा देती है। समाज में ऐसे सेवा कार्य आपसी सहयोग, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं।
भूखे को भोजन कराना सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। प्रतिदिन एक हजार जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने का यह प्रयास मानवता, करुणा और सामाजिक सरोकारों का संदेश दे रहा है। सेठ मुरारी लाल अग्रवाल की यह पहल निश्चित रूप से समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान लाने का एक सराहनीय माध्यम है।
के के साहू की रिपोर्ट


















