कानपुर। नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट (एनएसआई) कानपुर के पूर्व निदेशक प्रो. नरेंद्र मोहन मध्य अफ्रीका के देश कांगो गणराज्य में इंटीग्रेटेड शुगर कॉम्प्लेक्स स्थापित करने में तकनीकी व पेशेवर सहायता प्रदान करेंगे। परियोजना का उद्देश्य देश की घरेलू जरूरतों के साथ पड़ोसी मध्य अफ्रीकी देशों के चीनी बाजार की मांग को पूरा करना है।
प्रो. मोहन ने बताया कि पहले चरण में 2500 TCD क्षमता की चीनी मिल स्थापित होगी, साथ ही अतिरिक्त बिजली को राष्ट्रीय ग्रिड में भेजने की सुविधा होगी। दूसरे चरण में क्षमता बढ़ाकर 3500 टीसीडी की जाएगी और इथेनॉल उत्पादन की सुविधा भी जोड़ी जाएगी।
परियोजना के लिए स्थान चिन्हित कर लिया गया है। लगभग 11,000 हेक्टेयर भूमि पर गन्ने की खेती की जाएगी ताकि मिल को निरंतर गन्ना आपूर्ति मिल सके। प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स में अत्याधुनिक तकनीक से उच्च गुणवत्ता वाली सफेद चीनी के साथ विटामिन-ए युक्त चीनी का उत्पादन होगा। भाप, बिजली व रसायनों की खपत कम कर परिचालन दक्षता बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना भारतीय चीनी मशीनरी निर्माताओं, इंजीनियरिंग कंपनियों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए बड़े अवसर खोलेगी तथा मशीनरी निर्यात के साथ-साथ इंजीनियरिंग, तकनीक हस्तांतरण, प्रशिक्षण और प्रबंधन में भारतीय विशेषज्ञों की भागीदारी सुनिश्चित करेगी।
कांगो गणराज्य में शुगर कॉम्प्लेक्स स्थापित करवाएंगे प्रो. नरेंद्र मोहन


















