कानपुर, शनिवार। श्री गुरु सिंह सभा कानपुर ने विगत दिनों लंदन (इंग्लैंड) स्थित भारतीय दूतावास पर लगे भारत के राष्ट्रीय धवज को जबरन उतारने की कुछ शरारती तत्वों के प्रयासों की कडी निंदा करते हुए राष्ट्रीय ध्वज के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए मोतीझील स्थित श्री गुरू गोबिंद सिंह जी द्वार से कारगिल पार्क तक “तिरंगा मार्च” निकाल कर देश की अस्मिता से खिलवाड़ करने वाले शरारती तत्वों की भारत विरोधी कार्यवाहियों को किसी भी रुप में बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी।
श्री गुरु सिंह सभा कानपुर की अगुवाई में कानपुर के सिख समाज सहित सभी धर्मों एवं वर्गों के लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए ” तिरंगा मार्च” में भाग लिया भारी संख्या में स्त्री पुरुष बच्चे हाथों में तिरंगे झंडे लेकर चल रहे थे, भारतीय राष्ट्रीय ध्वज उतरने से जुड़े मामले में शामिल लोगों को गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ अभियोग चलाने की मांग की गई , चरमपंथी ताकतों द्वारा भारतीय ध्वज के अपमान के ‘घृणित कृत्य’ वाली ऐसी शर्मनाक घटनाओं को रोकने के लिए निवारक उपाय करने में ब्रिटेन की सरकार की विफलता एवं भारतीय दूतावास में पर्याप्त सुरक्षा की कमी पर चिन्ता व्यक्त की गई। इंग्लैंड में भारतीय दूतावास से तिरंगा उतारना गलत है. इसमें केसरिया रंग भी है. अनेक शहादतें देकर हमने भारत की आजादी में अपना योगदान दिया है. हमें जागरूक होकर विरोध करना है. सिख देश की सीमा पर खड़े हैं और जब शहीद होते हैं तो तिरंगे में लिपटे हुए आते हैं ।
श्री गुरु सिंह सभा कानपुर के अध्यक्ष सरदार हरविंदर सिंह लार्ड ने कट्टरपंथियों को भारत विरोधी अभियान को किसी भी रुप में बर्दाश्त नहीं करने की चेतावनी देते हुए कहा कि सिखों के देश भक्ति के जीवंत इतिहास को कुछ लोग अपने स्वार्थों के लिए धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं उनके यह प्रयास कभी सफल नहीं हो पाएंगे सिख देश भक्त थे, हैं और सदैव रहेंगे। तिरंगा मात्र देश का राष्ट्रीय ध्वज ही नहीं बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक की आन बान और शान का प्रतीक है , भारत की आजादी से लेकर उसकी आजादी की रक्षा करने तक सिख धर्म ने अग्रणी भूमिका निभाई है और अपनी इस ज़िम्मेदारी को भविष्य में भी समर्पित होकर निभाता रहेगा।
तिरंगा मार्च में प्रमुख रूप से मोहन सिंह झास, पास्टर जितेंद्र सिंह, धनी राव बौद्ध,,करमजीत सिंह, हरमिंदर सिंह लोंगोवाल , गुरजिंदर सिंह, मीतू सागरी, मंजीत सिंह सलूजा, राजू पहलवान, दया सिंह गांधी, पम्मी सेतिया, तरलोचन सिंह नारंग, पुनीत चावला, अमरजीत मारवाह, देवेंद्र पाल सिंह, राजी खंडूजा, पार्षद लवी गम्भीर, तरनजीत सिंह, राजबीर ग्रोवर, अमरजीत सिंह पचनंदा, इंदरजीत सिंह चावला, मिंटू बग्गा, शम्मी भारद्वाज, आदि उपस्थित थे।
इंग्लैंड में तिरंगे के अपमान पर श्री गुरू सिंह सभा ने रोष जताया


















