इस्कॉन संस्थान सदैव से ही गौ रक्षा के प्रति कटिबद्ध है। इसी सिद्धांत का अनुपालन करते हुए मैनावती मार्ग स्थित इस्कॉन कानपुर में 21 अक्टूबर, शनिवार को नई गौशाला का उद्घाटन हुआ।
लक्षावृतेषु सुरभिर अभिपालयंतम।
ब्रह्म संहिता में ब्रह्मा जी बताते हैं कि भगवान श्री कृष्ण को गोवंश अत्यंत प्रिय है।
भगवान श्री कृष्ण की प्रसन्नता हेतु इस्कॉन गौ माता की देखभाल एवं रक्षा हेतु सदैव से ही कार्यरत रहा है। मगरवारा उन्नाव में 25 बीघा क्षेत्र पर इस्कॉन कानपुर की ही एक विशाल गौशाला स्थित है जहां गौ माता की प्रेमपूर्वक सेवा की जा रही है। इसके साथ ही मंदिर प्रांगण में भी श्री श्री राधा माधव जी की विधिवत आराधना हेतु एवं कानपुर वासियों को गौ सेवा का अवसर प्रदान करने के लिए इस नई गौशाला का निर्माण किया गया है ।
गौशाला का उद्घाटन परम पूज्य भक्ति प्रचार परिव्राजक स्वामी महाराज जी एवं श्रीमान देवकीनंदन प्रभु जी के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ। गौशाला उद्घाटन के उपलक्ष पर श्रीमान विजय सेठ जी जिन्होंने अपने माता-पिता की स्मृति में इस गौशाला हेतु बहुमूल्य सहयोग प्रदान किया, अशोक कुमार मारवा जी , डॉ. आदर्श त्रिपाठी, एस के पालीवाल जी, महेंद्र अग्रवाल जी सपरिवार उपस्थित रहे। गो पूजन, महायज्ञ एवं हरे कृष्ण महामंत्र के पवित्र नाम संकीर्तन से संपूर्ण वातावरण कृष्णभावनाभावित हो गया। भगवान श्री कृष्ण गोविंद है अर्थात गौ माता को आनंद प्रदान करने वाले। गोविंद की कृपा प्राप्त करने हेतु शास्त्र गौ माता की सेवा का गुणगान करते हैं।
गोष्वङ्ग यवसादिना
श्री कृष्ण श्रीमद्भागवतम् के 11वें स्कंद में उद्धव महाराज को बताते हैं कि गौ माता की सेवा के माध्यम से उनकी आराधना की जा सकती है।
निश्चित ही इस्कॉन कानपुर ने इस पवित्र गौशाला के माध्यम से संपूर्ण कानपुर वासियों को गौ सेवा का अद्भुत अवसर प्रदान किया है।



















