इस्कॉन कानपुर के द्वारा छठी बार परम कृपालु पतित पावन श्री जगन्नाथ भगवान की रथ यात्रा 14 जुलाई रविवार को आयोजित की गई। इस रथ यात्रा के दौरान श्री श्री जगन्नाथ बलदेव एवं सुभद्रा महारानी सुसज्जित दिव्य स्वरुप में रथ पर विराजमान थे।इस्कॉन के द्वारा संपूर्ण विश्व में 90 से भी अधिक देशों में रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है जिसमें विभिन्न राष्ट्रीयता के लोग पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान श्री कृष्ण के इस दिव्य स्वरूप की कृपा प्राप्त करते हैं।
भगवान जगन्नाथ एकमात्र स्वरूप है जो भक्तों पर कृपा करने हेतु अपने गर्भ ग्रह से स्वयं बाहर आते हैं।इसी श्रृंखला में इस्कॉन कानपुर के द्वारा भी इस दिव्य यात्रा का आयोजन सीटीआई चौराहा से ग्लोरी गार्डन गेस्ट हाउस बर्रा बायपास तक किया गया।
इस्कॉन कानपुर मंदिर अध्यक्ष श्रीमान प्रेम हरि नाम प्रभु जी ने भगवान जगन्नाथ की विशेष कृपा के विषय में बताते हुए यात्रा का महत्व समझाया।वाल्मीकि आश्रम गुरुकुल के 21 बालकों द्वारा स्वस्तिवाचन मंगलाचरण द्वारा रथ यात्रा का शुभारंभ हुआ।इस वर्ष की अत्यंत विशेष रथ यात्रा में लाखों कानपुर वासी श्री भगवान की कृपा प्राप्त करने हेतु शामिल हुए।
रशियन भक्तों का विशेष संकीर्तन बैंड इस वर्ष विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। हरे कृष्ण महामंत्र एवं वैदिक स्तुतियों की सुंदर प्रस्तुति से इन रशियन भक्तों ने सभी को भगवान जगन्नाथ की भक्ति से भाव विभोर कर दिया।
इसी के साथ भगवान कृष्ण के विभिन्न स्वरूपों की सुंदर झांकियां,पारंपरिक नृत्य एवं नाटिका भी प्रस्तुत की गई ताकि रथ यात्रा के दौरान उचित भाव से प्रार्थनाएं अर्पित की जाएं।
श्री जगन्नाथ रथ की ऊंची ध्वज-पताका अलौकिक व दिव्य प्रतीत हो रही थी, रथ पर बैठे भगवान जगन्नाथ बलदेव व सुभद्रा महारानी विशेष भक्त वात्सलता को दर्शा रहे थे।मृदंग की ध्वनि,शंखनाद एवं आकर्षक हरि नाम संकीर्तन से संपूर्ण रथ यात्रा श्री जगन्नाथ पुरी का विस्तार प्रतीत हो रही थी। जय जगन्नाथ के उद्घोष से सम्पूर्ण क्षेत्र गूंज उठा।अंत में सभी भक्तों को श्री जगन्नाथ महाप्रसाद वितरित किया गया।
श्रीमान श्याम रसिक प्रभु जी ,डॉ सुधाकर औधीच्य प्रभु, अरविंद परिहर प्रभु जी,हैप्पी प्रभु ,मनीष प्रभु ,संजीव प्रभु ,बंटी प्रभु एवं आकाश प्रभु का रथ यात्रा के व्यवस्थापन सेवा में विशेष सहयोग रहा



















