कानपुर । श्री बांके बिहारी जी परिवार समिति कानपुर के तत्वावधान में मोतीझील लान-2 कानपुर में 8 फरवरी से श्रीमद्भागवत कथा का विशाल आयोजन चल रहा है।
कथा व्यास भागवत रत्न आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी जी महाराज ने द्वितीय दिवस की कथा में भक्ति प्राप्ति के क्रम का वर्णन करते हुए बताया कि श्रृद्धा, शास्त्र श्रवण, रुचि, सेवा और रति हैं। इनके द्वारा भक्ति प्राप्त की जा सकती है।
गोस्वामी जी ने आज की युवा पीढ़ी को माता पिता की सेवा और देशभक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देवी मां के मंदिर में मातारानी को चुनरी चढ़ाने के साथ साथ ही अपनी मां और अपने पिता की सदैव सेवा और सम्मान करें। जिस पुत्र के माता पिता सुखी और प्रसन्न रहते हैं और उनका सम्मान किया जाता है, उसे प्रभु की कृपा प्राप्त होती है। वह व्यक्ति जीवन में निरंतर प्रगति के नये नये सोपान तय करता है।
माता-पिता का भी यह कर्तव्य है कि बच्चों को देशप्रेम और देशभक्ति की शिक्षा दें। जिस मातृभूमि में हमने जन्म लिया है उसके प्रति भी हमारे कुछ कर्तव्य हैं। उनका पालन अवश्य करें।
श्रीमद्भागवत महापुराण का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि यह कलिकाल के समस्त पापों का समूल नाश करती है। श्रीमद्भागवत में सभी प्रश्नों, शंकाओं का समाधान विद्यमान है। कथा के श्रवण से भक्ति, शक्ति और मुक्ति प्राप्त होती है। जहां भी श्रीमद्भागवत की कथा होती है वहां भगवान अवश्य उपस्थित होकर अपनी कथा का श्रवण करते हैं। जो भक्त लज्जा त्याग कर संसार की परवाह न करते हुए मेरे लिए अश्रु बहाता है व नृत्य करता है वह अपने साथ साथ ही संपूर्ण संसार को भी पवित्र कर देता है। श्रीमद्भागवत में कहा गया है कि सदैव सत्य का पालन करें।
कथा व्यास श्री गोस्वामी जी ने कहा कि सनातन धर्म सदा सत्य है। सनातन धर्म के अंतर्गत सत्य मार्ग, अहिंसा, प्रभु सेवा, अच्छे आचरण आदि बातों पर बहुत जोर दिया है।
महाराज श्री के श्रीमुख से कथा रस और मधुर भजनों कर दो कर दो नैया पार मेरे बांके बिहारी……. राम नाम के हीरे मोती……. नाम का सुमिरन किया करो……. आदि को सुनकर श्रोतागण झूम उठे और मंत्रमुग्ध होकर नृत्य करने लगे। कथा आयोजन में मुख्य अतिथि (सांसद) रमेश अवस्थी, महापौर प्रमिला पांडेय रहीं। मुख्य रूप से संजय गुप्ता, पंकज बंका, विनोद मुरारका, अनुपम अग्रवाल, अंशुल गुप्ता, राम किशन अग्रवाल, कृष्ण तुलस्यान, अजय अग्रवाल, विजय पल उपस्थित रहे।
देवेश तिवारी की रिपोर्ट


















