कानपुर। बाबा बंदा सिंह बहादुर सिख सेवा सोसायटी नामक संस्था के सभी सदस्यों के द्वारा छबील का आयोजन किया गया।यह छबील गोविन्द नगर की मेन रोड़ पर लगाई गई। जहां पर इस भीषण गर्मी में निकलने वाले सैकड़ों राहगीरों ने इस छबील के द्वारा मीठे शरबत व छोले का प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम की शुरुआत अरदास से की गई। जो कि हमेशा सरबत के भले के लिए की जाती है।
मीडिया प्रभारी सरदार टीपी सिंह सोनू ने बताया कि गुरू अरजन जी पहले शहीद सिख गुरु कहलाएं गए थे। जिस वजह से उन्हें पूरी दुनिया में शहीदों के सरताज के नाम से भी जाना जाता है।
तथा गुरु अरजन जी की शहादत इसी भीषण गर्मी के दिनों में उनको गर्म लोह पर बैठा कर तथा उनके ऊपर गर्म उबलती हुई रेत डाल कर की गई थी। परन्तु उसके बावजूद भी गुरु जी के धैर्य की कोई भी सीमा ना थी।
उन्होंने बल्कि किसी से भी इसकी शिकायत ना करते हुए ईश्वर से सिर्फ यही कहते हुए स्वयं ही शहीदी प्राप्त कर गए।
“तेरा भाणा मीठा लागे हर नाम पदारथ नानक मांगे।।”
इस कार्यक्रम में संस्था के मुख्य सेवादारों के रूप में सरदार गुरशरण सिंह, नमनप्रीत सिंह, टीपी सिंह “सोनू”, जयदीप सिंह भाटिया, अमनप्रीत सिंह, गौरव ग्रोवर, हर्षदीप सिंह, कंवलजीत सिंह सहित अन्य और बहुत से लोग शामिल हुए।



















