कानपुर, रविवार ‘स्टेट बैंक के अवकाश प्राप्त सदस्यों को भी भविष्य में समिति का सदस्य बनाये रख उन्हें ऋण एवं जमा की सुविधायें प्रदान करने की सदस्यों की मांग को दृष्टिगत रखते हुए समिति की आमसभा द्वारा आज इस आशय का प्रस्ताव पारित कर विभाग को भेजने का संकल्प लिया गया है और विभागीय अनुमति के उपरान्त इसके अनुपालन हेतु समिति कृत संकल्पित है।” उक्त विचार आज भारतीय स्टेट बैंक कर्मचारियों की 40 वर्ष पुरानी समिति की पं० विशम्भर नाथ इण्टर कालेज, रतन लाल नगर, कानपुर में आयोजित वार्षिक आमसभा / विशेष आमसभा में व्यक्त करते हुए समिति के सचिव एडवोकेट पंकज तिवारी ने कहा कि इस बावत स्वयं माननीय उच्च न्यायालय की खण्डपीठ द्वारा सहकारिता अधिनियम के समिति सदस्यता सम्बन्धी नियम संख्या 63 (IV) के बारे में दिये गये अपने एक महत्वपूर्ण फैसले से पूर्व में ही स्पष्ट किया जा चुका है कि समिति की सदस्यता पर सेवानिवृत्ति का प्रतिबन्ध लागू नहीं होता है और कोई भी व्यक्ति तब तक किसी भी समिति का सदस्य बना रह सकता है जब तक उसकी अंशनिधि समिति में जमा है।
आमसभा द्वारा पारित इस निर्णय पर प्रकाश डालते हुए संस्था के अध्यक्ष श्री रत्नाकर शुक्ल ने कहा कि इस निर्णय के अनुपालन से जहाँ अवकाश प्राप्त बैंक कर्मी साथियों को अपने जमा पर अधिक ब्याज और उसके सापेक्ष अविलम्ब ऋण की सुविधा प्राप्त हो सकेगी वहीं समिति के भी व्यवसाय और जमा में कई गुना वृद्धि होगी। समिति अध्यक्ष ने कहा कि अगर इस आशय की स्वीकृति प्राप्त हो जाये तो पूर्णतया सुरक्षित और सर्वजन लाभकारी इस व्यवस्था से सदस्य और समिति दोनों को ही भरपूर फायदा होगा।
समिति के संरक्षक और स्टेट बैंक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री आनन्द शंकर पाण्डेय ने समिति की उल्लेखनीय प्रगति और विकास पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 1982 में मात्र 25 सदस्यों द्वारा आपसी सहयोग से रूपया 1250/- एकत्र कर समिति संस्थापक स्व० एल0एन0 तिवारी के नेतृत्व में चालू हुई समिति की कार्य शील पूंजी आज रूपया 8 करोड़ तक पहुंच चुकी है, जो कि मात्र स्व० एल०एन० तिवारी जी के द्वारा स्थापित किये गये सिद्धान्तों और आदर्शों का अनुसरण करते हुए किये जा रहे कार्यों का ही प्रतिफल है और इस सफल संचालन के लिए समिति के सचिव श्री पंकज तिवारी और संचालक मण्डल के सदस्यगण सराहना के पात्र हैं। श्री पाण्डेय ने संचालक मण्डल द्वारा समिति संस्थापक स्व० लक्ष्मीनाथ तिवारी की स्मृति में समाज में विशिष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को अपनी आम सभा के माध्यम से “लक्ष्मीनाथ तिवारी, सहकारिता रत्न” प्रदान किये जाने के निर्णय की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि इस कार्य से समिति का सीधा जुड़ाव समाज के विभिन्न क्षेत्रों तक सम्भव हो सकेगा और समिति अपने सामाजिक सरोकार अदायगी के दायित्वों की भी पूर्ति कर सकेगी।
रिपोट सागर गुप्ता


















