कानपुर – उत्तरप्रदेश सरकार प्राथमिक स्कूलों की शिक्षा प्रणाली को सुधार करके गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाकर बालश्रम को पूरी तरह से खत्म करना चाहती हैं। लेकिन प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य इस प्रणाली को पलीता लगाते नजर आये। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चों से मजदूरी कराते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य वीरेंद्र सिंह यादव दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो में बच्चों से ईट उठवाया जा रहा है व छात्राओं से झाड़ू लगवाई जा रही हैं। जिस उम्र में बच्चों को शिक्षा के लिए कलम और किताब दी जाती हैं उस उम्र में प्रधानाचार्य बच्चों को झाड़ू और ईट पकड़ा मजदूरी करवाते हुए नजर आ रहें हैं। बच्चे खाना खाने के बाद स्वयं बर्तन धुलते दिख रहें हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
मामला कानपुर के जाजमऊ इलाके के मोतीनगर प्राथमिक विद्यालय का है। इस विद्यालय में कुछ निर्माण कार्य कराया जा रहा है। विद्यालय के प्रधानाचार्य वीरेंद्र सिंह यादव स्वयं खड़े होकर विद्यालय के छात्र – छात्राओं से बाल श्रम करवा रहे हैं। जिसका वीडियो स्थानीय लोगो ने बनाकर सोशल मिडिया पर वायरल कर दिया। जिसके बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया हैं।
वायरल वीडियो से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को पढ़ा कर बालश्रम को रोकने का प्रयास चल रहा हैं उसी विद्यालय में बालश्रम करवाकर इस समाज में क्या सन्देश देना चाह रहें हैं।
कानपुर से मोहम्मद नईम की रिपोर्ट


















