भारतीय रेलवे में डिप्टी सीटीआई के पद पर तैनात योगेश कुमार पर शादी का दिलासा देकर 3 साल तक यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर पीड़िता ने पत्रकारों को बताया के 3 वर्ष पहले पीड़िता की मुलाकात योगेश कुमार से ट्रेन में हुई जो कि रेलवे में डिप्टी सीटीआई के पद पर तैनात है। दोस्ती के बाद पीड़िता को अपने साथ 3 वर्ष तक रखा और शादी का झूठा दिलासा देकर पीड़िता के साथ संबंध बनाए और शादी की बात करने पर बहाने बनाता रहा तथा गर्भवती होने पर 25 दिसंबर 2020 को बेहोशी का इंजेक्शन देकर दया भार्गव अस्पताल सिविल लाइंस कानपुर में पीड़िता का गर्भपात करवा दिया। जब पीड़िता ने ज्यादा ज़िद की तो उसे जान से मारने की धमकी तक दे डाली। जिसके बाद पीड़िता के दर दर भटकने के बाद भी दोषी अभियुक्तों पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है पीड़िता का कहना है के उसने थाना रेलबाजार पर कार्यवाही न होने पर पुलिस के उच्च अधिकारियों सहित मुख्यमंत्री के जनता दरबार तक बार बार अपनी बात पहुंचाई तथा न्यायालय की शरण भी ली परंतु अभियुक्त की गिरफ्तारी न हुई। सुनिए पीड़िता की पीड़ा की कहानी खुद उसकी जुबानी।
कानपुर से मोहम्मद नईम की रिपोर्ट


















