पंजाब के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुयी चूक के बाद कानपुर का सिख समुदाय काफी आक्रोश में है,,,गुरूवार को सिख समुदाय के लोगो ने पंजाब सरकार का पुतला दहनकर अपना आक्रोश व्यक्त किया,,,,और मांग करी कि पंजाब सरकार के मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए,,,
पंजाब सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए गुरविंदर सिंह छाबड़ा ने कहा कि किसानो को यह कैसे पता लगा की पीएम इस रुट से जाने वाले है,,,,चन्नी सरकार ने पंजाब ही नहीं सिक्खो को खतरे में डाल दिया था,,,,,अगर धोखे से भी कोई घटना हो जाती,,,तो इस देश और विश्व का क्या मंजर होता,,,,वो यह समझ नहीं पा रहे है,,,,उन्होंने बताया की सन 84 में कांग्रेस ने जो किया था,,,ठीक वैसा ही मंजर हो सकता था,,,,84 के बाद कांग्रेस के साजिस थी कि सिख समाज को विवादित करके आग में झोक दिया कहना था की सिख समाज अब राष्ट्रभक्ति की तरफ जुड़ गया है,,,,,उसको अलग करने के लिए लगातार षड्यंत्र रचा जा रहा है,,,,इसी के तहत प्रधानमंत्री जी के काफिले को रोका गया,,,,
वंही गुरुद्वारा नामदेव से जुड़े सेवादारों का कहना था कि सिख समाज सेवा समर्पण भाव के साथ सयम बरतने वाला है,,,,उनका कहना था की यह मोदी जी है जो नामुमकिम को मुमकिम करने वाले है,,,,और जो सीखो और हिन्दुओ में दरार पैदा की जा रही है,,,यह बहुत बड़े खतरे की घंटी थी,,,मोदी जी ने उस साजिस का पर्दाफास करते हुए सयम बरतते हुए एकता का सन्देश दिया है,,,,कि देश को तोड़ने वाली ताकतों को बर्दास्त नहीं किया जाएगा,,,,,उनका कहना था की इस देश से जो जाना चाहता है वो खालिस्तान जा सकता है,,,,,| पुतला दहन करने वालों में दर्जा राज्य प्राप्त मंत्री गुरविंदर सिंह चावड़ा विकी परमजीत सिंह चंडोक सरदार नीतू सिंह प्रदीप भाटिया गगन सोनी सोमी सिंह सुखदीप सिंह महामंत्री मनजीत सिंह मौजूद रहे


















