समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश द्वारा 10 मार्च को मतगणना पर पैनी नजर रखने के लिए समाजवादी पार्टी के पूर्व नगर अध्यक्ष पंडित ओम प्रकाश मिश्रा को कानपुर महानगर का मतगणना प्रभारी नियुक्त करने के उपरांत पंडित ओम प्रकाश मिश्रा ने सपा नगर अध्यक्ष डॉक्टर इमरान एवं लोहिया वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर रामकरण निर्मल ने सपा कार्यालय प्रेस वार्ता में प्रदेश नेतृत्व द्वारा दिए गए प्रमुख बिंदुओं पर संयुक्त रूप से बताया कि प्रशासन में बैठे सच्चे अधिकारियों सच्चे पुलिसकर्मी सच्चे पत्रकार व किसान नौजवान जिन्होंने बदलाव के लिए ईमानदारी से वोट दिया है वह आगे आए और लोकतंत्र को बचाने का काम करें और समाजवादी पार्टी हर उस रास्ते को अपनाएगी जहां पर लोकतंत्र को बचाया जा सके
सुल्तानपुर सोनभद्र बरेली और बनारस में ईवीएम से संबंधित घटनाएं घटित हुई है व मतगणना के दिन बड़ी साजिश की तरफ इशारा कर रही है ईवीएम खुलेआम जा रही हैं बैलट पेपर कूड़ेदान में मिल रहे हैं इसके लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार है यह लोकतंत्र का आखिरी चुनाव है इसके बाद आजादी की लड़ाई जैसी क्रांति करनी पड़ेगी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर हम लोग मतगणना के दिन जीत का सर्टिफिकेट लिए बगैर नहीं जाएंगे
ईवीएम की गिनती समाप्त होने से पहले सभी डाक मत पत्रों की गिनती के लिए आरओ को कहा जाएगा तो वही बीजेपी की साजिश है कि मतपत्रों और ईवीएम से छेड़छाड़ कर लोक तंत्र को लूटने कोशिश लेकिन इस तारीख को हमें विफल करना राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में इस बार समाजवादी सरकार पूर्ण बहुमत से बनने जा रही है
स्ट्रांग रूम की तरफ जाने वाले हर एक व्यक्ति और गाड़ी को समाजवादी कार्यकर्ता द्वारा मतगणना शुरू होने तक चेक किया जाएगा भाजपा की बोट चोरी करने की रणनीति को विफल कर लोकतंत्र की रक्षा करनी है।
जनता पंचायत चुनाव के दौरान भी भाजपाइयों की बेईमानी देख चुकी है किस प्रकार से जिला पंचायत सदस्यों को अगवा किया गया नामांकन करने जा रही महिला की साड़ी खींची गई ओम प्रकाश जी जब नॉमिनेशन फाइल करने गए बेटे के साथ तो उन पर हमला हुआ क्या कार्रवाई की गई। जब स्वामी प्रसाद मौर्य जी की गाड़ियां तोड़ी गई तो क्या कार्रवाई की गई। वोट बचाने के लिए हमें अखंड प्रहरी की तरह बैठना पड़ेगा और जब हमारे किसान बैठ सकते हैं तो यह तो 1 दिन की बात है
हम जैमर की मांग इसलिए कर रहे हैं क्योंकि आशंका है कि कहीं ना कहीं टेक्नोलॉजी ऐसी है जिसे फेरबदल} किया जा सकता है प्रभावित किया जा सकता है आखिर ईवीएम के ट्रांसपोर्टेशन में चुनाव आयोग की गाइडलाइंस का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है।समाजवादी पार्टी के निर्देश पर हम मतगणना के लिए प्रभारी बनकर आए हैं और हमारी पार्टी के कार्यकर्ता दसों हजार की संख्या में मतगणना केंद्र के बाहर उपस्थित रहेंगे।


















