कानपुर। लालबंगला के कालीबाड़ी स्थित स्व. डॉ. राजेंद्र प्रसाद के जन्मदिन के अवसर पर 1963 में लाइब्रेरी की स्थापना की गई थी। जिसका रखरखाव एन.के श्रीवास्तव के हाथ में है। ग्राउंड रिपोर्ट करने पहुंचे UPTV7 के पत्रकार मोहम्मद नईम ने स्थापना से लेकर वर्तमान समय की स्थिति की जानकारी करने पहुंचे। वहां मौजूद एन.के श्रीवास्तव ने बताया कि 3 दिसंबर 1963 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद के जन्मदिन के अवसर पर उनके नाम से लाइब्रेरी की स्थापना की गई थी। जिसके बाद से यहां रोजाना छात्र – छात्राए पढ़ने के लिए आ रहीं हैं। कोरोनाकाल के बाद यहां फंड नहीं मिल रहा है। जिसके कारण नये सिलेबस की किताबें छात्रों को मुहैया नहीं हो पा रहीं हैं। इस बाबत को लेकर क्षेत्रीय विधायक, पूर्व मंत्री सतीश महाना से लेकर कई मंत्रियों से शिकायत की गई। शिकायत करने के बावजूद इस लाइब्रेरी की न तो हालत सुधरी और न हि नये सेलेबस की किताब आई।
– लाइब्रेरी की हालत और व्यवस्था दिन पे दिन हो रहीं खस्ताहाल
लाइब्रेरी की हालत दिन प्रतिदिन खस्ता होती जा रही है। लाइब्रेरी का ठीक से रखरखाव नहीं होने से पुरानी किताबें खराब हो गई हैं। कुछ किताबों की स्थिति बेहद ख़राब हो चुकी हैं। लाइब्रेरी की हालत देख कर छात्र-छात्राएं भी यहां आने से बचते हैं।
– नेताओं से लेकर शिक्षा मंत्री तक लगा चुके हैं गुहार
लाइब्रेरी की स्थिति सुधार की मांग को लेकर शिक्षा मंत्री समेत अन्य कई मंत्री, नेता व अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं। इतना ही नहीं जिलाधिकारी से भी मांग की जा चुकी हैं और अपनी मांगों का ज्ञापन भी उन्हें सौंपा गया है, लेकिन इस संबंध में कुछ होता नहीं दिख रहा है। जिसके कारण लाइब्रेरी की हालत और भी ख़राब होती जा रहीं हैं।


















