भीषण गर्मी दिमाग में खलल पैदा कर रही है,,,,तपिश से स्ट्रेस बढ़ने की वजह से लोग शक्की हो गए है,,,,,,,,जिससे कलह पैदा हो रही है,,व्यक्ति का व्यवहार अचानक बदलने से परेशान परिजन उन्हें लेकर विशेषज्ञो के यंहा जा रहे है,,,,राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ कार्यक्रम के सर्वे में भी यह तथ्य सामने आया है,,,,विशेषज्ञो का कहना है की 20 से 30 डिग्री तापमान दिमाग के लिए सुखद होता है,,,,इससे अधिक पर स्ट्रेस बढ़ता है,,,,,जिससे न्यूरो केमिकल प्रभावित होने लगता है,,,,और व्यक्ति का व्यवहार बदल जाता है,,,,
मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र की सहायक मनोवैज्ञानिक संध्या शुक्ला ने बताया की ऋतुओ में परिवर्तन होता रहता है,,,,,इस समय गर्मी बढ़ रही है तो हमको अपनी सोच सकारात्मक बनानी होगी,,,हमको लगातार पानी पीने के साथ ही ठन्डे पेय पदार्थो का सेवन करना चाहिए,,,,रात में सोने से पहले ठन्डे पानी से हाथ और मुँह को धोना चाहिए,,,इसके साथ ही दिन में दो बार नहाने का प्रयास करना चाहिए,,,,संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए,,,और हमारा जो वातावरण है उससे घबराने की जरुरत नहीं है,,,,जैसी नार्मल दिनचर्या होती है वाइज ही रखने का प्रयास करना चाहिए,,,,|


















