कानपुर में सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों की जांच को लेकर एसआईटी की टीम पहुँची कानपुर जहाँ अधिकारियों के साथ सांसद देवेन्द्र सिंह भोले भी बैठक में मौजदू थे बैठक में एसआईटी ने अधिकारियों व सांसद से बात की और जितने भी सरकारी जमीनों पर कब्जे है उनको कब्जा मुक्त कराने के लिए प्रारंभिक जांच शुरू हुई है.
आपको बता दें कि कानपुर में हजारों बीघा बेशकीमती सरकारी जमीन है जिनपर बिल्डरों व बड़े नेताओं द्वारा कब्जा किया गया है जिसकी शिकायतें लगातार की जा रही थी जिसके बाद एसआईटी की टीम ने आज कानपुर की गंगा बैराज में बने गेस्ट हाउस में बैठक की वही कानपुर में हुई मीटिंग के बाद कई सरकारी विभागों में हड़कम्प मच गया है. कब्जो को लेकर जनपद में कई बार कार्यवाही की गई लेकिन फिर भी लगातार कानपुर में अवैध कब्जे का खेल लगातार जारी है. गंगा बैराज में लगभग साढे 3000 बीघे के पास की जमीनो पर बड़े बिल्डर व बड़े राजनैतिक भू माफियाओं द्वारा कब्जा व खरीब फरोख्त कर डाली है. अब देखने वाली बात होगी कि एसआईटी द्वारा क्या जांच की जाती है और इस कब्जे में शामिल विभागीय लोगो पर क्या कार्यवाही होती है.
वही बैठक के बाद सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने बताया कि गरीब अपने बच्चो को पढ़ाना चाहता हैं स्वावलंबी बनाना चाहता हैं.इसलिए यह मामला दिशा एवं निगरानी समिति भारत सरकार द्वारा एक संस्था बनाई गई इस मामले को सबसे पहले भाजपा में रहे पूर्व विधायक भगवती सागर ने उठाया था जिसमें उनके साथ देवेंद्र सिंह भोले,सुरेंद्र मैथानी, मेयर प्रमिला पांडे ने इस मामले को दिशा में उठाया था कई बार लीपा पोती की गई मेरे पत्र पर एसआईटी की जांच टीम आज कानपुर आई थी मेरे पास जो भी दस्तावेज थे दे दिया है वही इस बात को रखा कि जो भी भूमाफिया है बड़े बड़े बिल्डर व राजनेता है जो भी दोषी हो उनपर कार्यवाही हो और गरीब के साथ न्याय किया जाए.


















