कानपुर… अब तक आपने पुलिस की लापरवाही के कई किस्से सुने होंगे। जिसमे एक ओर दिलचस्प मामला सामने आया हैँ जिसमे साल 2015 मे बाँदा जेल से बंदी रानू उर्फ़ शकील को हेड कांस्टेबल रमाशंकर तिवारी व कांस्टेबल देवेंद्र सिंह की अभिरक्षा मे इलाज के लिये जिला अस्पताल हैलट लाया गया था जो की लघु शंका के बहाने दोनों सिपाहियों को चकमा देकर फरार होगया था उक्त मामले मे दोनों सिपाहियों को सस्पेंड करने के साथ उपरोक्त के विरुद्ध कानपुर न्यायालय मे थाना स्वरूप नगर अंतर्गत लापरवाही बरतने के आरोप में भारतीय दंड सहिंता की धारा 223 व धारा 224 अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया था जिस मामले की सुनवाई अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट 2 की अदालत मे चल रही थी। .7 वर्ष मे सुनवाई के बाद उक्त मामले मे न्यायालय ने अपना अंतिम फैसला सुनाते हुये दोनों सिपाहियों को दोषमुक्त करार दिया हैँ। यह जानकारी देते हुये अभियुक्तों के वकील योगेंद्र त्रिवेदी ने बताई उन्होंने कहां तथ्यों व सबूतों के आधार पर माननीय न्यायालय ने यह फैसला सुनाया हैँ जिसका हम सभी स्वागत करते है।


















