प्रदेश सरकार चुस्त दुरुस्त कानून व्यवस्था के बारे में लाख दावे करें लेकिन सच्चाई बिल्कुल इसके उलट नज़र आ रही है।जिसकी बानगी कानपुर के बाबूपुरवा इलाके में देखने को मिली।जहाँ एक बार फिर कमिश्नरेट पुलिस पर गुंडों का सहयोग करने के गंभीर आरोप लगे है।गुंडों के खिलाफ बाबूपुरवा थाने में छेड़खानी,मारपीट और SC/ST जैसी गंभीर धाराओं में FIR दर्ज़ है। लेकिन पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी नही कर रही है।गुंडे लगातार पीड़ित पक्ष को धमकाकर केस वापस लेने की धमकी दे रहे हैं।
बाबूपुरवा बगाही इलाके में रहने वाली सोनापति नामक महिला आज डीसीपी साउथ कार्यालय पहुंची।जहां उन्होंने डीसीपी से गुंडों की गिरफ्तारी और अपनी और अपने परिवार की जान माल की रक्षा की गुहार लगाई।दरसल इलाके के रहने वाले अनिल,शिवा राजपूत,शिवम ठाकुर,शुभम समेत 8 लोगों ने पीड़ित परिवार को जातिसूचक गालियां देते हुए छेड़खानी की और विरोध करने पर उन्हें धारदार हथियार से लहूलुहान कर दिया।थाने में शिकायत की गई लेकिन पुलिस ने धाराओं में खेल करते हुए आरोपियों की मदद के लिए 307 नही लगाई।इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी भी नही हुई।लिहाजा पुलिस का सहयोग पाकर गुंडों के हौसले बुलंद हो गए और अब गुंडे पीड़ित परिवार को आए दिन केस वापस लेने की धमका रहे है और केस वापस न लेने पर जान-माल की धमकी दे रहे है।हालांकि डीसीपी साउथ रवीना त्यागी ने पीड़ित परिवार को आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी रक्षा का आश्वासन दिया है।


















