मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश से पुलिस ने सख्त रवैया अपना रखा है। पुलिस के आपरेशन लंगड़ा की दहशत अपराधियों में दिख रही है। इसकी बानगी बुधवार को पनकी थाने में उस वक्त देखने को मिली जब पनकी थाने का हिस्ट्रीशीटर और टापटेन अपराधी खुद तख्ती लेकर आत्मसमर्पण करने थाने पहुंचा। उसने आगे के जीवन में कभी अपराध न करने की कसम भी खायी।
पनकी पुलिस मारपीट के मामले में काफी दिनों से पनकी गंगागंज निवासी जावेद की तलाश में लगी थी। पुलिस कई संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी, लेकिन हर बार जावेद पुलिस के चंगुल से बच रहा था। आरोपित के खिलाफ रंगदारी मांगने, दलित उत्पीड़न, गुंडा एक्ट, गैंगस्टर, हत्या का प्रयास समेत अन्य संगीन धाराओं के 19 मुकदमे दर्ज हैं। आजम को पुलिस के आपरेशन लंगड़ा होने की दहशत थी। छह माह से वह फरार चल रहा था। थाने में आत्मसमर्पण के बाद जावेद बताया कि अब पुलिस से भाग पाना उसके लिए मुश्किल हो गया था। प्रदेश सरकार की नीतियों व पुलिस की कार्यप्रणाली को देखते हुए उसने आत्मसमर्पण किया है। पनकी थाना प्रभारी अंजन कुमार सिंह ने बताया कि आत्मसमर्पण के बाद आरोपित के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपित जावेद एक मुकदमे की तारीख पर बुधवार को न्यायालय गया था, जहां उसे आपरेशन लंगड़ा होने की भनक लगी थी। इसकी दहशत के चलते उसने कहीं और जाने के बजाय सीधे थाने जाने का निर्णय लिया।
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भूपेंद्र सिंह की रिपोर्ट


















