आइसोपार्ब की कानपुर शाखा के तत्वाधान में लैंडमार्क होटल में नवजात शिशुओं से सम्बंधित एक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें कानपुर के दो सौ से ज़्यादा स्त्रीरोग विशेषज्ञ एवं बालरोग विशेषज्ञ उपस्थित रहे इस अवसर पर कानपुर आइसोपार्ब की संरक्षक डॉ मीरा अग्निहोत्री अवं अध्यक्ष डॉ नीलम मिश्रा ने हमारे प्रदेश में नवजात शिशु मृत्यु दर, जो राष्ट्रीय दर से अभी भी कहीं अधिक है, को और कम करने के लिए हर स्तर पर और प्रयास करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि आज की यह कार्यशाला इसी प्रयास का एक हिस्सा है कार्यशाला में मट्टू मेडिकेयर कानपुर के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ प्रदीप मट्टू ने अपने व्याख्यान में नवजात शिशुओं में पैदा होने के बाद होने वाली आम कठिनाईयों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा की नवजात शिशुओं में किसी भी जटिलता को समय से पहचान करने व तुरन्त निवारण करने से उनके जीवन की रक्षा की जा सकती है जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की बाल रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ रूपा डालमिया सिंह एवं बालरोग विशेषज्ञ डॉ देवेंद्र अवस्थी ने नवजात शिशु पुनर्जीवन सम्बंधित कार्यशाला प्रदर्शित की। उन्होने नवजात शिशु के पैदा होने के बाद पहले एक मिनट ( गोल्डन • मिनट) में पुनर्जीवन के महत्व की जानकारी सब को दी कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डॉ रश्मी कपूर एवं डॉ सुनील तनेजा व जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ नीना गुप्ता ने की! उन्होने नवजात शिशु पुनर्जीवन की विधि को स्त्री एवं प्रसूति रोग में कार्यरत हर एक डॉक्टर को सीखने की प्रेरणा दी। कानपुर आइसोपार्ब की सचिव डॉ किरण सिन्हा ने स्तनपान के लाभ बताते हुए कहा की हर नवजात शिशु को माँ का दूध ही पिलाना चाहिए जिससे उसे हर संक्रमण से दूर रखा जा सकता है कार्यक्रम का संचालन डॉ रीना कॉल मट्टू ने किया एवं धन्यवाद प्रस्ताव डा राशि मिश्रा ने दिया
आइसोपार्ब नवजात शिशुओ से सम्बंधित मे प्रेसवार्ता आयोजित की गयी


















