गुरूद्वारा बाबा नामदेव जी में सिखों के 8वें गुरु श्री गुरू हरकिशन साहब जी का प्रकाशोत्सव गुरूमत समागम के रूप सुबह-शाम मनाया गया। हजूरी रागी भाई हरदीप सिंह ने शब्द कीर्तन व गुरू के इतिहास के बारे में बताया कि गुरू हरकिशन साहिब जी को सवा पाँच वर्ष की आयु में गुरूता गद्दी मिली थी। दिल्ली में इनका भव्य गुरूद्वारा बंगला साहब है, जहाँ निरन्तर इनके सद्धिान्तों पर चलते हुये गरू के लंगर, औषधि दवा के रूप में बहुत न्यून्तम राशि पर एम.आर.आई., दवाईयाँ जनहित मे बराबर उपलब्ध रहती हैं। शाम के दीवान में गुरूद्वारा बाबा नामदेव स्त्री सत्संग द्वारा गुरू महाराज के आगमन शब्द गायन हुये श्री हरिकिशन चिआइये, जिसि दिठे समु दुख जाये अर्थात श्री गुरू हरकिशन जी का नाम लेने से ही दुखों, रोगों का नाश हो जाता है, इस समागम में गुरूमत समागम में 1984 के दंगे के दोषियों के पकड़े जाने पर गुरू महाराज जी का सुकराना किया गया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन भेजकर हुये एस. आई. टी. के प्रमुख बालेन्दु भूषण के तबादले को रोकने की माँग की गयी। गुरूद्वारा साहब में सावन के महीने में बराबर खीर का प्रसाद बनाया जाता है आज भी लंगर में मालपुए, खीर के लंगर संतों में बाँटे गये विशेष रूप से सन्नी गुलाटी, हनी भाटिया, परमजीत सिंह चंडोक, सुरजीत सिंह ओबराय, रजिन्दर काके, श्री चन्द्र असरानी, अशोक अरोड़ा, कल्यान सिंह, सुरेन्दर कौर, सोनिया जी, मीना बहन, इन्दू अरोड़ा, हरमिन्दर वासन विशेष रूप से सेवा में लगे थे।
गुरुद्वारा बाबा नामदेव मे 8वें गुरु श्री गुरू हरकिशन साहब जी का प्रकाशोत्सव


















