कानपुर,दिल से जुड़ी बीमारियों के केस आजकल बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं. साथ ही साथ इलाज की नई तकनीक भी विकसित हो रही हैं कार्डियक साइंस के क्षेत्र में जो एडवांस उपकरण ट्रीटमेंट में इस्तेमाल किए जा रहे हैं वो मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं मौजूदा समय में हार्ट से संबंधित रोग पूरी दुनिया के साथ भारत में भी मौत का बड़ा कारण बन गए हैं. हाल के वक्त में युवा आबादी भी कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक की चपेट में आ रही है. इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के मैक्स सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल साकेत ने कानपुर में एक अवेयरनेस कार्यक्रम आयोजित किया कार्यक्रम में हार्ट से जुड़ी समस्याओं,इसके लक्षण और इलाज जैसे तमाम पहलुओं पर लोगों को अहम जानकारी दी गई और उन्हें समझाया गया कि कैसे आजकल एडवांस ट्रीटमेंट मेथड्स के जरिए समय पर इलाज पाकर दिल की बीमारियों को दूर किया जा सकता है.
इस अवेयरनेस सेशन में डॉक्टर विवेका कुमार ने विस्तार से अपनी बात रखी. डॉक्टर विवेका मैक्स अस्पताल साकेत में कार्डियक साइंसेज़ के प्रिंसिपल डायरेक्टर और चीफ ऑफ कैथ लैब्स (पैन मैक्स) हैं डॉक्टर विवेका ने यहां समझाया कि हार्ट डिसीज़ के इलाज में जो नए मेथड्स आए हैं उनके बारे में लोगों को अवेयर करने की जरूरत है.
डॉक्टर विवेका कुमार ने कहा हार्ट पेशेंट के इलाज में सामान्यत: बैलून माइट्रल वाल्वोप्लास्टी, बैलून अट्रायल वाल्वोप्लास्टी, अट्रायल सेप्टल या वेंट्रीक्यूलर सेप्टल डिफेक्ट जैसे मेथड्स अपनाए जाते हैं. अब कुछ नए एडवांसमेंट हुए हैं. एक्यूट हार्ट अटैक जैसे मामलों में पीटीसीए के लिए एडवांस टेक्नॉलजी उपलब्ध है. हार्ट के वाल्व बदलने के लिए TAVI प्रोसीजर का उपयोग किया जा रहा है जिसमें बिना ओपन सर्जरी के वाल्व बदल दिए जाते हैं, साथ ही माइट्रा वाल्व में भी इसी प्रक्रिया के तहत क्लिप लगाई जाती हैं. हार्ट मरीजों के इलाज में ये प्रक्रिया क्रांति जैसी है.”
देश में दिल से जुड़ी बीमारियां कितनी घातक साबित हो रही हैं इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कुल बीमारियों में से कम से कम 50 फीसदी केस हार्ट डिसीज़ से जुड़े होते हैं. इतना ही नहीं, प्री-मैच्योर डेथ का भी हार्ट डिसीज़ बड़ा कारण है. एक और चौंकाने वाला आंकड़ा ये है कि जिनकी उम्र 25-40 वर्ष के बीच है, यानी जो युवा आबादी है उसमें दिल की बीमारियों के केस काफी बढ़े हैं. ऐसे में ये बेहद आवश्यक है कि दिल से जुड़े रोगों के शुरुआती लक्षणों के बारे में आम इंसान को जानकारी हो ताकि वो सही वक्त पर इलाज के लिए डॉक्टर के पास जा सके.
हार्ट डिसीज़ के लक्षण
अगर किसी भी व्यक्ति को अच्छा महसूस न होता हो वो दबाव फील कर रहा हो, सीने में कुछ देर तक दर्द होता हो या रुक-रुककर दर्द हो रहा हो तो ऐसे लोगों को जरूर डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए. इसके अलावा दोनों हाथों में दर्द या किसी दूसरे किस्म की बेचैनी, कमर में दर्द, गर्दन, जबड़े और पेट में दर्द, सांसें ठीक से न आना, पसीना आना, जी मचलाना या हल्कापन महसूस होता हो तो ये सभी लक्षण हार्ट की दिक्कत से जुड़े हो सकते हैं. ऐसे में इन लक्षणों को अगर अपने शरीर में पाएं तो क्लीनिक पर जाकर डॉक्टर को जरूर दिखाएं.
डॉक्टर विवेका कुमार ने हार्ट ट्रीटमेंट में हुए मेडिकल एडवांसमेंट के बारे में आगे बताया, ”हार्ट में वाल्व लगाने के लिए माइट्राक्लिप मेथड काफी कारगर साबित हो रहा है. इसमें कैथिटर की मदद से इलाज किया जाता है और बिना सर्जरी के लीकिंग हार्ट वाल्व भी ठीक हो जाते हैं. अगर ऐसे पेशंट्स का समय पर इलाज न हो तो इससे दिल का साइज़ बड़ा होने का खतरा रहता है सांसें कटने लगती हैं और कई बार हार्ट फेल भी हो जाते हैं. भारत में आमतौर पर अगर किसी दिल के मरीज को वाल्व डालने होते हैं तो ओपन हार्ट सर्जरी की जाती है ये ट्रीटमेंट यूं तो बहुत आम है लेकिन बहुत रिस्की भी है
ऐसे में मरीजों के लिए ये भी समझना आवश्यक है कि बीमारी का सही इलाज लिया जाए कानपुर के लोगों से भी यही अपील है कि सही वक्त पर दिल से जुड़ी समस्याओं को पहचानें और डॉक्टर से सलाह-मशविरा करे कानपुर से दिल्ली साकेत मैक्स पहुंचना भी अब काफी आसान हो गया है. किसी भी इमरजेंसी में मैक्स साकेत से संपर्क किया जा सकता है और वहां मौजूद स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की टीम और एडवांस तकनीक से बेहतर इलाज पाया जा सकता है.
मैक्स इंस्टिट्यूट ऑफ हार्ट एंड वस्क्यूलर साइंसेज़ भारत के चुनिंदा शानदार अस्पतालों में से है. जहां हार्ट से जुड़ी अलग-अलग बीमारियों, हार्ट डिफेक्ट्स, जन्मजात हार्ट डिसीज़, पल्मोनरी हार्ट फेल्योर और कोरोनरी आर्टरी जैसी दिक्कतों का इलाज किया जाता है. ये एक ऐसा इंस्टिट्यूट है जहां कई किस्म के ट्रीटमेंट- इनवेसिव और इन्टरवेंशनल कार्डियोलॉजी, इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी, पेकमेकर और अराइथमिया जैसी हेल्थकेयर सर्विस की जाती हैं. शानदार कैथ लैब्स, ऑपरेशन थिएटर्स और अन्य जरूरी हार्ट केयर टेक्नोलॉजी के चलते मैक्स में मरीजों को उम्दा और सुरक्षित इलाज मुहैया कराया जाता


















