विश्व हिन्दू परिषद की युवा शक्ति बजरंग दल द्वारा प्रति वर्ष श्रावण मास के शुक्ल पक्ष में बाबा बूढ़ा अमरनाथ चट्टानी की साहसिक यात्रा की जाती है। विदित हो कि आतंकवाद प्रभावित पुंछ (जम्मू कश्मीर) में लगातार हिन्दुओ का पलायन हो रहा था, बाबा बूढ़ा अमरनाथ चट्टानी के परिसर के आसपास भी जिहादियों का कब्जा बढ़ता जा रहा था। 2005 में जब जिहादियों ने खुलेआम हिंदुओं को वहाँ से पलायन करने के बाध्य करना आरंभ किया, विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल ने तय किया कि पूरे देश से बजरंग दल के कार्यकर्ता श्रावण मास में बाबा के दर्शन हेतु जाएंगे, तथा वहाँ पर निवास करने वाले हिन्दू भाईयों से मिलेंगे, जिससे उन्हें सम्बल प्राप्त होगा। साथ ही आतंकवादियों को भी सन्देश दिया कि इनके साथ सम्पूर्ण भारत का हिन्दू मजबूती से खड़ा है। तबसे 2008 को आन्दोलन के चलते एवं 2020,2021 को कोविड के चलते यह यात्रा बाधित हुई, बाकी प्रतिवर्ष यह यात्रा होती आ रही है।
इस यात्रा के फलस्वरूप जहाँ पहले केवल मंडी से पुंछ तक 20 किलोमीटर की ही यात्रा होती थी, वहाँ अब सम्पूर्ण भारतवर्ष से पूरे वर्ष लाखों भक्तों का आना होता है। जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था एवं विकास बढ़ा है साथ ही बाबा बूढा अमरनाथ का परिसर भी अतिक्रमण मुक्त हो चुका है।
एक ओर जहाँ स्थानीय हिंदुओं का पलायन भी रुका है, साथ ही उनका सम्पूर्ण भारत के हिंदुओं से जुड़ाव भी हुआ है। वहीं दूसरी ओर इस साहसिक यात्रा ने सम्पूर्ण भारतवर्ष की तरुणाई में राष्ट्रवाद का भाव जागृत कर दिया है।
इस यात्रा में सम्पूर्ण भारत से सभी प्रान्तों से युवा बजरंगी अपने निर्धारित समय पर पहुंचेगें। इसी क्रम में कानपुर प्रान्त के युवा बजरंगियों को आज कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म 5 से जम्मूतवी एक्सप्रेस से अपराह्न 2:00 बजे पनकी हनुमान मंदिर के महंत श्री जितेंद्रदास जी महाराज, विहिप प्रान्तीय अध्यक्ष श्री राजीव महाना जी, विहिप प्रान्त संगठन मन्त्री श्री मधुराम जी, बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक श्री प्रकाश शर्मा जी ने बजरंग दल कानपुर प्रान्त संयोजक आचार्य अजीतराज जी, प्रान्त सहसंयोजक आशीष गुप्ता जी, यात्रा प्रभारी अमरनाथ जी, सह यात्रा प्रभारी नरेश तोमर जी समेत सभी बजरंगियों को चन्दन लगाकर शुभ यात्रा का आशीर्वाद दिया।
कानपुर प्रान्त की सत्संग प्रमुख अर्चना दीदी के नेतृत्व में मातृशक्ति की बहनों की भी उपस्थिति रही।
विभाग संगठन मंत्री पीयूष जी के नेतृत्व में लोकेन्द्र जी, कालीचरण जी, मुकेश जी समेत बड़ी सँख्या में कार्यकर्ता बन्धु स्टेशन पर उपस्थित रहे।


















