कानपुर-ज़िला चिकित्सालय (उर्सला) अस्पताल में आज कुछ घण्टों की बारिश में हर तरफ़ पानी ही पानी नज़र आया।
बारिश का पानी छत पर बनी सीलिंग से झरने की तरह जीनों से बहता रहा और मरीज़ों में अफरा-तफ़री मच गई तीमारदारों को अपने मरीज़ों को लेकर इधर उधर भागना पड़ा लेकिन वार्ड में ऊपर से नीचे तक पानी ही पानी भरा हुआ था।अस्पताल प्रशासन हमेशा की तरह आँखे मूंदे रहा एक ओर जहां योगी सरकार लगातार उत्तर प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की हर संभव प्रयास कर रही है वही उर्सला अस्पताल में सरकार की मंशा पर पानी बह रहा है।सरकार की ओर से हर साल अस्पताल के रख रखाव के लिए मोटी रकम आती किन्तु सरकार द्वारा आनी वाली मोटी रकम कहा जाती है इस पर कोई जिम्मेदार सही जवाब नही देता।
पूरी छत से झरने की तरह पानी बह रहा है और वार्ड में पानी भरा हुआ है। अस्पताल की छत व नालियों की सफाई अगर समय समय पर होती रहती तो पानी भरने की समस्या न होती और न ही छत व सीढ़ियों से बारिश का पानी वार्डो में भरता गंदे पानी से उत्पन्न होने वाली बीमारियों का आखिर कौन जिम्मेदार होगा।
सवाल ये उठता है कि आख़िर सरकार जो इतना पैसा उर्सला अस्पताल के रख-रखाव व मरीज़ों की सुविधा के लिए देती है क्या उस पैसे का उपयोग होता है ये सिर्फ खाना-पूर्ति होती है अब देखने वाली बात यह है कि अस्पताल प्रशासन की तरफ से इस पानी निकासी का कोई उपाय किया जाएगा या यूं ही बारिश के दौर में पानी यहां पर भरा रहेगा
उर्सला अस्पताल में फूटा भ्रस्टाचार का झरना वार्डो में भरा बारिश का पानी,जलमग्न हुआ अस्पताल


















