वार्ड 96 की पार्षद को नहीं है जनता की फ़िक्र और न ही है किसी अधिकारी का डर, जी हाँ वार्ड 96 की पार्षद जी के पास नही है समय की वह क्षेत्र में जाएं और लोंगो की समस्या सुने इनको डर है कि अगर ये जनता के पास जाएंगी तो जनता इनके 10 वर्षों का आईना न दिखा दे वार्ड 96 में न ही खम्बों पर लाइट ज़्यादा नज़र आती हैं और न ही गलियां बनी हुई हैं और स्वीपर तो नज़र ही नही आते हैं पार्षद सिर्फ अपना नाम और रुपये कमाने के लिए बनी हुई हैं और अगर कोई समाज सेवक कुछ विकास भी करवाना चाहता है तो ये उसको कराने भी नही देती,अगर कोई अधिकारी से शिकायत भी करता है तो यह रोने लगती हैं ,10 वर्षों से या सोई है और या रोई है वार्ड 96 की पार्षद।
जाजमऊ वार्ड 96 की जनता बीमारियों के घेरे में


















