कानपुर, आशूर अंजुमन रजिया का तारीखी जुलूस पटकापुर लारी पार्क से मरहूम लाडले साहब के घर से उठकर मरहूम मौलवी विलायत हुसैन साहब के अज़ा खाने पर समाप्त हुआ।
जहाँ पहले मजलिस हुई उसके बाद अंजुमन रिजविया ने नौहा खानी करी पूरे रास्ते मातमदार लब्बेक या हुसैन लब्बैक या हुसैन नारों के साथ मातम करते हुए, पहुंचे इसके बाद मरहूम विलायत हुसैन साहब के अज़ा खाने में मजलिस को मौलाना कौसर अब्बास रिज़वी इमामे जुमा मंझनपुर करारी ने खिताब किया ।
उन्होंने इमाम हुसैन अ. और उनके 72 साथियों की दीन के लिये दी कुर्बानी बयान की आपको बता दें, क्योंकि आज शबे आशूर है।
आज पूरी रात तक़रीरों और मातमदारी सिलसिला जारी रहता है।।
राजू शर्मा की रिपोर्ट



















