आपने कई बार सुना होगा कि ट्रेन में यात्रा करते समय मोबाइल कहीं गुम हो गया या फिर किसी ने झपट्टा मारकर मोबाइल छीन लिया और फरार हो गया। इस तरह से छीने गए या गायब हुए 42 मोबाइलों को बरामद कर जीआरपी कानपुर ने एक अच्छा काम किया है। जिन लोगों के मोबाइल थे उन लोगों को थाने बुलाकर जब मोबाइल लौटाए गए तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा और सभी ने एक सुर में थैंक्स जीआरपी बोला। आपको बता दें पिछले कुछ महीनों में कानपुर सेंट्रल स्टेशन से अलग-अलग लोगों के करीब 42 मोबाइल गायब या छीने गए थे। इन सभी मोबाइलों को सर्विलांस पर लगाकर इनको ट्रेस कर बरामद किया गया। जीआरपी ने बरामद मोबाइल इनके स्वामियों को बुलाकर वापस दे दिया। लेकिन यह नहीं बता पाई कि आखिरकार जो मोबाइल लूटे गए थे या फिर किसी ने चोरी किया था, उनमें से कितने लोगों को धर दबोचा। जीआरपी इंस्पेक्टर रामकृष्ण द्विवेदी ने इस बड़े सहज भाव से बोला कि कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है क्योंकि जिन लोगों के पास से मोबाइल बरामद हुआ है, उन लोगों ने धोखे में इसे खरीद लिया था। सवाल यह उठता है कि जीआरपी पुलिस की कार्यशैली अच्छा कहे या बुरा लेकिन जब तक अपराधी शिकंजे में नहीं आएंगे तब तक इस तरह की घटनाएं भविष्य में भी घटती रहेंगी।
मोबाइल बरामद लेकिन लुटेरों का अता पता नहीं,


















