मैनावती मार्ग बिठूर स्थित इस्कॉन मंदिर कानपुर में भक्तो की प्रेममयी पुकार व महा संकीर्तन की धुन के बीच अर्धरात्रि में नन्द यशोदा के दुलारे श्री कृष्ण प्रकट होने के बाद, आज बहुत ही धूमधाम के साथ नंदोत्सव तथा इस्कॉन संस्थापक आचार्य भक्तिवेदांत स्वामी श्रील प्रभुपाद के जन्मदिवस को मनाया गया । इस मौके पर इस्कॉन मंदिर जोनल सचिव श्रीमान देवकीनंदन प्रभु जी ने प्रभुपाद जी द्वारा दिए गए इस्कॉन के साथ उदेश्यो को सभी को समझने तथा उसको आगे बढ़ाने के लिए संकल्प लेने के लिए उत्साहित किया। प्रभुपाद जी ने अपने इन उदेश्यो में सभी को कृष्ण को जानने के लिए भगवद गीता और श्रीमद भागवतम के ज्ञान को पढ़ने के महत्व को बताया है। उन्होंने ये भी बताया की कैसे भगवान् का भक्त भगवान् से बड़ा होता है जैसा की हम देखते है कि कैसे भगवान् श्री चैतन्य महाप्रभु ने केवल भारत में कृष्ण भक्ति का प्रचार किया लेकिन श्रीला प्रभुपाद जी ने अपनी कृपा को पुरे विश्व में कृष्ण भक्ति का प्रचार करके भगवान् को भी पिछाड़ दिया। इस मौके पर श्रीमान संकर्सणनिताई प्रभु जी ने प्रभुपाद जी की पुरे विश्व में सफलता का राज उनकी हरे कृष्ण महामंत्र, श्रीमद भागवतम तथा अपने गुरु की आदेश पर पूरी श्रद्धा को बताया। नंदोत्सव की मौके पर ठाकुर जी की सुन्दर शृंगार ने सभी दर्शानार्थीओ को मंत्रमुग्ध कर दिया, सुबह से ही मंदिर में भक्तो का भगवान् की दर्शन की लिए ताता लगा रहा। कल इस्कॉन में जन्मास्टमी त्यौहार की अंतिम दिवस में छात्र वर्ग के लिए विशेष प्रतियोगिताओ का आयोजन किया जायेगा ,इन प्रतियोगिताओ में चित्रकला प्रदर्शनी , कृष्ण पहेली, सांस्कृतिक वेशभूषा प्रतियोगिता , निबंध लेखन, श्लोक प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता आदि कई अन्य आयोजन भी किये जायेंगे। रविवार तक यह सभी कार्यक्रम आयोजित होते रहेंगे अतः नगरवासियो को भाग लेने हेतु निरंतर आमंत्रित किया जा रहा है।



















