आज सिख यूथ ऐसोसिएशन के तत्वाधान में श्री गुरुग्रंथ साहिब जी का 418 वां पहला पावन प्रकाश उत्सव, गुरूद्वारा श्री गुरू सिंघ सभा हरजिन्दर नगर कानपुर मे सुबह 8.00 बजे से दोपहर 2 बजे तक व रात 6:30 बजे से 10:30 बजे तक बहुत उल्लास, श्रद्धा व उमंग के साथ मनाया गया। सिक्खो के धार्मिक ग्रंथ श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश किया गया व फूलों से श्रृंगार किया गया हजारो की तादाद मे श्रद्धालुओ ने श्री गुरू ग्रंथ जी को माथा टेका व हरजिन्दर नगर इण्टर कालेज में गुरु का लंगर जाति-पाति के भेद-भाव को भुलाकर एक साथ एक पंगत में बैठ कर लंगर छका इस मौके पर भाई गुरप्रीत सिंह जी दरबार साहिब अमृतसर वाले, भाई गुरफतेह सिंह जी बंगला साहिब जी दिल्ली वाले प्रचारक भाई अंग्रेज सिंह जी गरुद्वारा सीसगंज दिल्ली वाले नल संगत को गुरबाणी कीतन तथा गुरमत विचारों द्वारा निहाल किया संस्था के महा सचिव हरजीत सिंह ने मंच व कार्यक्रमो का संचालन किया संस्था के प्रधान स० हरपाल सिंह सिंह राजा ने आई संगत को बधाई व धन्यवाद दिया तथा सेवा करने वाली संस्थाओ व अतिथियों को सिरोपाओ दिया। कार्यक्रमों को सफल बनाने में स० गुरबीर सिंघ, स० अशवत सिंह, स० तरनजीत सिंह, स० हरसिमरन सिंह स० मनजीत सिंह खालसा, स० रशपाल सिंह, स० रणजीत सिंह, स० पलविन्दर सिंह भाटिया, स० हीरा सिंह, स० अनमोलक सिंह, स० विरेन्दरपाल सिंह, स० बलविन्दर सिंह, स० गुरमीत सिंह, स० जरनैल सिंह, व स० तपतेज सिंह आदि ने सभी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए सेवा करके गुरू कृपा प्राप्त की 1 सितम्बर सन् 1604 को श्री गुरु अरजन देव जी ने गुरुओ की बाणीयों तथा 30 अन्य गुरमुखों की बाणीयों को एकत्र करके श्री गुरुग्रंथ साहिब जी का सम्पादन, 31 रागों में, भाई गुरदास जी से 3 वर्षों मे करवाकर, स्वर्ण मन्दिर अमृतसर मे गुरु ग्रंथ साहिब जी का पहला पावन प्रकाश, सम्मान के साथ ऊँचे स्थान में, ऊपर सुन्दर चंदोवा बांध कर करवाया। तभी से सिख व अन्य श्रधालु इस दिन को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पहले पावन प्रकाश उत्सव के रूप मे मनाते आ रहे हैं ।
सिक्ख यूथ ऐसोसिएशन द्वारा श्री गुरुग्रंथ साहिब जी का प्रकाश पर्व मनाया गया


















