कन्याकुमारी से चलकर हरिद्वार तक जाने वाली कुम्भ संदेश यात्रा 19 फरवरी को लखनऊ से चलकर उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी कानपुर पहुँची हैं। महफिल रेस्टोरेंट माल रोड कानपुर में भव्य स्वागत किया गया। सनातन धर्म की प्राचीनतम संस्कृति और परंपरा की अलख दक्षिण भारत से जलाकर उत्तर भारत के विद्वानों और ज्योतिषी बन्धुओं को साथ लेकर छोटी छोटी सभाओं, सेमिनारों और गोष्ठियों के माध्यम से जन जागरण करते हुए यह यात्रा कानपुर पहुँचने तक 5700 किलोमीटर यात्रा पूर्ण कर चुकी है। कुल 40 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा 7000 से अधिक किलोमीटर की यात्रा पूर्ण करके हरिद्वार पहुँचेगी। कुम्भ संदेश यात्रा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ज्योतिषी आचार्य अविनाश राय ने बताया कि, हैदराबाद के पेदाम्मा मंदिर से यात्रा कन्याकुमारी के लिए निकली। जिसका मूल उद्देश्य दक्षिण भारत से चलकर पूरे भारत मे उत्तर भारत की कुम्भ परम्परा को दक्षिण भारत से निकलकर जिस प्रकार आदि शंकराचार्य ने सनातन परंपरा को पुनः स्थापित किया था। अंकित अग्रवाल ने बताया कि आज कोरोना की महामारी में पूरे विश्व ने हमारी नमस्कार परम्परा और आयुर्वेद को अपनाया है। हमारा लक्ष्य है कि इस समय तक हमारी परम्परा को विश्व जाने और लाभान्वित हो। गगन अग्रवाल ने बताया कि, भारतीय सामाजिक आर्थिक व्यवस्था को पुनः स्थापित किया जाय, ताकि पूरा देश एक दूसरे से जुड़ जाए। इस अवसर पर स्थानीय लोगों के साथ पूरा यात्रा दल था। कार्यक्रम में मुख्य रूप से संस्था के अध्यक्ष गगन अग्रवाल, अंकित अग्रवाल, सुनील साहू, पवन गौड़, शिवांशु गुप्ता, प्रखर शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
Editor-In-Chief:- Naresh Singh


















