कानपुर कैफ़े मे 02 अक्टूबर को आरम्भ बर्रा – 8 मे लफ़्ज़ों के कारवा का द्वितीय संस्करण आयोजित किया गया जहाँ पूरे कानपुर के लोगो ने बड़-चढ़ कर भाग लिया। जहाँ सभी श्रेणी जैसे कि कविताएँ, शेर ओ शायरी, कहानियाँ / हास्य कविताएँ संगीत एव विभिन्न प्रकार के इंस्ट्रूमेंट्स बजा के दिखाए गए और साथ-साथ स्टैंड उप कॉमेडी का भी लुफ्त उठाया लफ़्ज़ों के कारवां के मंच के माध्यम से 50 पार्टिसिपेट्स ने अपनी कला का हुनर और कानपुर की जनता का प्यार और दिल लूटा इस कार्यक्रम लफ़्ज़ों का कारवान फाउंडर तुषार गुप्ता और को फाउंडर अनुभव पाल मौर आरंभ कैफ़े के आर्गेनाइज़र विपिन यादव के सहयोग से कार्यक्रम सफल बन पाया लफ़्ज़ों का कारवा मंच का मुख्य उद्देश्य कानपुर और विभिन्न शहरों की छुपी हुयी कला को अपने मंच के माध्यम से दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है और कलाकारों को हमारे इस मंच के माध्यम से सफलता प्राप्त हो यही हमारा लक्ष्य है।
लफ़्ज़ों के कारवा का द्वितीय संस्करण आयोजित किया गया


















