रामादेवी स्थित कांशीराम मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में आउटसोर्सिंग पर कार्यरत सभी डाटा एंट्री ऑपरेटर और लैब टेक्नीशियनो ने वेतन न मिलने को लेकर किया धरना प्रदर्शन। बता दें कि आउटसोर्सिंग में कोविड-19 के अंतर्गत उर्सला जिला चिकित्सालय में कार्यरत सभी डाटा एंट्री ऑपरेटर और लैब टेक्नीशियनो को पिछले 7 माह से बकाया वेतन नहीं मिला है, इसी के चलते सभी लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है, सभी लोगों ने बताया कि हम लोग मकान का किराया बच्चों की स्कूल की फीस नहीं जमा कर पा रहे हैं कई साथियों के परिजनों का इलाज भी चल रहा है ऐसे में बिना वेतन घर खर्च और इलाज का खर्चा उठाने के लिए नाते रिश्तेदारों से उधार लेना पड़ रहा है ऐसे में खर्च और उधारी का बोझ मानसिक तनाव बढ़ा रहा है आर्थिक तंगी के कारण परिवार में झगड़े और कलह बढ़ रहे हैं अधिकारियों द्वारा अभी तक केवल आश्वासन दिया जा रहा है जब भी वेतन की बात कही जाती है तब आश्वासन देकर काम करने का दबाव बनाया जाता है अगर कोई काम करने से मना करें तो उसकी छटनी के नाम पर निकालने की धमकी दी जाती है। सभी लोगों ने यह भी बताया कि कोरोना जैसी महामारी के चलते अपनी जान को जोखिम में डालते हुए हम लोग जनमानस के लिए 24 घंटे तत्पर रहते थे और अगर हम लोगों को करोना हो जाता था और हम लोगों को छुट्टी लेनी पड़ती थी तो उसका भी पैसा काट लिया जाता था आज हम लोगों को आवश्यकता है तो उच्च अधिकारी हमारी कहीं पर सुनवाई नहीं कर रहे हैं। इस संदर्भ में पत्रकारों ने जब काशीराम मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में डीपीएम अश्वनी गौतम से बात करी तो उन्होंने इस संदर्भ में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया और कहां की इस मामले में सक्षम अधिकारी सीएमओ ही बताएंगे । इस संदर्भ में जब पत्रकारों ने सीएमओ आलोक रंजन से टेलिफोनिक वार्ता करी तो उन्होंने बताया कि मामले के संदर्भ में नेशनल हेल्थ मिशन कार्यालय लखनऊ में पत्र भेजा भेजा गया है, वहां से हमको आश्वासन मिला है कि दो-तीन दिन में पेमेंट पास कर दिया जाएगा जैसे ही वहां से भेज दिया जाएगा तत्काल इन लोगों को पेमेंट दे दिया जाएगा मेरा पूरा प्रयास और कोशिश है कि दीपावली से पहले सभी लोगों को भुगतान करा दिया जाए।
अब विचार करने की बात यह है कि जिन लोगों ने कोरोना जैसी महामारी के समय आम जनमानस के लिए सेवाएं की है आखिर उनकी पेमेंट का भुगतान करने में सरकार इतनी देरी क्यों करती है, देखना यह है कि मामले को उच्च अधिकारी वर्ग किस प्रकार से संज्ञान में लेते हैं
धरना प्रदर्शन करने वालों में प्रमुख रूप से प्रदीप शुक्ला अनजीत शर्मा, अनिल यादव, सुबह वर्मा, अनुराग श्रीवास्तव अरविंद साहू, निहारिका, नित्या आदि लोग मौजूद रहे।
उर्सला जिला चिकित्सालय में आउटसोर्सिंग पर कार्यरत सभी डाटा एंट्री ऑपरेटर और लैब टेक्नीशियनो ने वेतन न मिलने को लेकर किया धरना प्रदर्शन


















