पटाखों से बच्चों को हो सकती हैं बीमारियां, जाने बचाव के उपाय
अगर यह आपके बच्चे की पहली दिवाली है, तो जाहिर है आप इसे लेकर काफी उत्साहित होंगे। लेकिन अपने मजे के चक्कर में इस बात का ध्यान रखना ना भूलें कि नवजात शिशु को शोर, पटाखों और भीड़ से बचाकर रखना चाहिए, क्योंकि इससे वह बीमार पड़ सकता है या उन्हें इन्फेक्शन हो सकता है। , वास्तव में नवजात शिशु के स्वास्थ्य की अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है। उसे धुएं और पटाखों के शोर से बचाना बहुत जरूरी है। वही बाल रोग विशेषज्ञ डॉ निधिका पांडे ने दीवाली में शिशु को बचाने के उपाय बताये।
आपको बताते चलें कि, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ निधिका पांडे ने बताया कि, पटाखों के धुएं से नवजात बच्चों को ना केवल सांस से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं, बल्कि यह शरीर के अन्य हिस्सों के लिए भी खतरनाक है। डॉक्टर के अनुसार, दिवाली पर पटाखों का शोर और धुआं आपके नवजात के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं है। पटाखों की आवाज 160 डेसिबल तक जा सकती है, जबकि एक नवजात की केवल 85 डेसिबल से अधिक लेवल पर ही सुनने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। वहीं, आतिशबाजी की वजह से वातावरण में फैले केमिकल्स और धुएं की वजह से ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इससे हृदय गति घटती-बढ़ती रहती है और पल्स रेट में भी उतार-चढ़ाव होता रहता है। ऐसे में नवजात के दिमाग पर असर पड़ सकता है। लिहाजा नवजात को जितना संभव हो तेज आवाज से बचाना चाहिए। नवजात को धुएं की वजह से एलर्जी भी खतरा रहता है। इसलिए बच्चों को पटाखों से जरूर बचाना चाहिये। उन्होने कहा कि, गुलाबी ठंड भी शुरू हो चुकी है। इसलिये नवजात बच्चों को गर्म कपड़े पहनाने चाहिये। नवजात बच्चों को पहली ठंड से बचाना बहुत जरूरी होता है।


















