प्रमुख सचिव, नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग उ0प्र0 शासन/नोडल अधिकारी जनपद कानपुर नगर श्री अनुराग श्रीवास्तव ने आज सर्किट हाउस के सभागार में बाढ/अति वृष्टि की आपदा से निपटने हेतु बचाव व राहत कार्यो एवं विकास कार्यो की समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी श्री विशाख जी0, मुख्य विकास अधिकारी श्री सुधीर कुमार, नगर आयुक्त श्री शिवशरणप्पा, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) श्री राजेश कुमार सहित सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जनपद में बिधुत आपूर्ति के सम्बंध में समीक्षा करते हुए जानकारी करते हुए पूछा कि जनपद में विधुत आपूर्ति की वर्तमान में कोई समस्या तो नही है इस पर विद्युत विभाग के अधिकारी ने अवगत कराया गया कि बरसात के मौसम में कुछ समस्या थी, लेकिन वर्तमान समय मे विधुत आपूर्ति सुचारू रूप से की जा रही है, जिसके सम्बन्ध में उन्होंने निर्देशित करते हुए कहां की निर्धारित रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करायी जाए।
गोवंश आश्रय स्थल की समीक्षा में अवगत कराया गया कि जनपद में 98 गोवंश आश्रय स्थल है, 91 ग्रामीण व 07 शहरी क्षेत्र में, जिसमें 16000 गोवंश संरक्षित है, 9000 ग्रामीण क्षेत्र में व 7000 शहरी क्षेत्र में शत प्रतिशत गोवंशों का टीकारकरण करा दिया गया है तथा सभी गोवंश आश्रय स्थलों में पर्याप्त भूसा, पेयजल, सेट, प्रकाश इत्यादि की व्यवस्था है। उन्होंने निर्देषित करते हुए कहा कि हरे चारे की व्यवस्था की जाए।
आयुष्मान योजना की समीक्षा करते हुये निर्देशित किया गया कि शत प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनवाया जाये, गोल्डन कार्ड के कार्य में और तेजी लायी जाये।
पेयजल की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया गया कि जहॉ पर भी आवश्यकता है वहॉ पर प्राथमिकता के आधार पर रिबोर व हैण्डपम्पों की मरम्मत करायी जाए, जिससे कहीं पर भी पेयजल की समस्या उत्पन्न न हो।
उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि समस्त ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं पर भी जलभराव न होने पाये यदि कहीं पर भी जलभराव की समस्या है तो शीघ्र उसका निस्तारण कराया जाये तथा वहॉ पर फॉगिंग, छिडकाव व साफ-सफाई का कार्य सुनिश्चित कराया जाये।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की समीक्षा में अवगत कराया गया कि जनपद में 98 प्रतिशत पात्र किसानों का डाटा अपलोड कराया जा चुका है जिस पर उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द 100 प्रतिशत डाटा फीड कराया जाए ।
उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में गंगा में दूषित जल नही जाना चाहिए यदि किसी भी संस्था द्वारा लापरवाही की गई और उसकी वजह से दूषित जल गंगा में जाता है तो सम्बन्धित के खिलाफ तत्काल सुनिश्चित किया जाए।


















